सिडनी, 18 फरवरी । भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी...
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उज्जैन, 18 फरवरी । देशभर में शनिवार को महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।...
नागपुर, 18 फरवरी। महाराष्ट्र यात्रा पर नागपुर पहुंचे केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को रेशमबाग स्थित...
रांची, 18 फ़रवरी। सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को झारखंड के 11वें राज्यपाल के तौर पर शपथ ली।...
माउंट माउंगानुई, 18 फ़रवरी । इंग्लैंड के ऑलराउंडर और टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स शनिवार को टेस्ट क्रिकेट...
बेंगलुरु, 18 फ़रवरी। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) ने उद्घाटन महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2023 से पहले स्टार...
सिडनी, 18 फरवरी। भारत पर सवाल उठाने वाले अमेरिकी उद्यमी जॉर्ज सोरोस को भारतीय विदेश मंत्री एस....
जमशेदपुर, 18 फरवरी। जिले के टाटानगर रेलवे स्टेशन से तीन किलोमीटर दूर सालगाझुड़ी वेस्ट केबिन के पास...
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान् क्रान्तिकारी थे। स्वतंत्रत भारत के निर्माण के लिए भारत-माता के कितने शूरवीरों...
स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती भारत के शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा आर्यसमाज के संन्यासी थे जिन्होंने स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं का प्रसार किया। वे भारत के उन महान राष्ट्रभक्त संन्यासियों में अग्रणी थे, जिन्होंने अपना जीवन स्वाधीनता, स्वराज्य, शिक्षा तथा वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया था। स्वामी श्रद्धानंद का जीवन परिचय स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती जिन्हें आर्यसमाज के प्रचारक के रूप में याद किया जाता है. इनका जन्म 2 फरवरी 1856 को पंजाब के जालन्धर में हुआ था. स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती के पिताजी उस समय की अंग्रेजी पुलिस के सिपाही रहे थे. इसी कारण पिता के तबादले के चलते उनका बचपन कही स्थानों पर गुजरा. बचपन में सरस्वती को उनके दोस्त वृहस्पति नाम से बुलाया करते थे. आरंभिक जीवन (शिक्षा, विवाह) पंजाब के जालन्धर में जन्में वैदिक धर्म के प्रचारक श्रद्धानंद जी का आरम्भिक...
