रायपुर, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ में सोमवार सुबह कांग्रेस नेताओं के घरों में ईडी ने छापेमारी की है।...
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दंतेवाड़ा, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र अंर्तगत ग्राम कडेमरका में नक्सलियों ने...
20 फरवरी। पुलवामा जिले के त्राल इलाके में दो स्थानों पर कश्मीर पुलिस की विशेष जांच टीम...
नई दिल्ली, 20 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग मंगलवार को...
भोपाल, 20 फरवरी। भाजपा की तेजतर्रार नेत्री और मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शिवराज सिंह...
पुणे, 20 फरवरी। ध्वनि की गति से सात गुना तेज रफ्तार से दुश्मनों पर वार करने वाली...
नई दिल्ली, 20 फरवरी । दिल्ली के मियांवाली नगर में अनाथ बच्चों की देखभाल करने वाली संस्था...
पुणे, 20 फरवरी । किसी भी विज्ञापन, उत्पाद या सूचनाओं की आकर्षक डिजाइन किस तरह से सबको...
नई दिल्ली, 20 फरवरी । कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार बदले की भावना से...
छत्तीसगढ़ राज्य के प्राणदायिनी नदी कही जानी वाली महानदी में बनाया गया गंगरेल बांध के एक छोर में माँ अंगारमोती माता विराजित हैं। जहाँ पे प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में अपनी मनोकामना लिए श्रद्धालुगण आते हैं, माँ की चरणों में अपनी मनोकामना अर्पित करते हैं। धमतरी से मात्र 12 km की दुरी पर गंगरेल बांध के पास स्थित है माँ अंगारमोती माता मंदिर है। गंगरेल बांध का जब 1972 में निर्माण कराया जा रहा था, तब धमतरी जिला के 52 गांव इस बांध के अंदर समाहित हो गए। उन्ही में से एक ग्राम-चंवर भी इस बाँध के अंदर आने लगा। जिनमें से एक माँ अंगारमोती माता का मंदिर भी था। ग्राम-चंवर में माताजी की मूर्ति 600 सालों से विराजित था। निर्माणाधीन बांध के अंदर आने के कारण, उनकी प्रतिमा को विधि-विधान के साथ देवी की मूर्ति को पूर्व स्थान से हटाकर गंगरेल बांध के समीप स्थापित किया गया है। महानदी के निकट विशाल चबूतरे में प्राण-प्रतिष्ठा किया गया हैं। दंडकारण्य का प्रवेश द्वार एवं वन...
