मनसा चिन्तितं कार्यं वाचा नैव प्रकाशयेत | मंत्रेण रक्षयेद गूढं कार्य चा·पि नियोजयेत || आचार्य चाणक्य का कथन है कि मन में सोचे हुए कार्य को मुंह से बाहर नहीं निकलना चाहिए | मंत्र के समान गुप्त रखकर उसकी रक्षा करनी चाहिए | गुप्त रखकर ही काम को करना चाहिए | अभिप्राय यह है कि मन में जो भी काम करने का विचार हो, उसे मन में ही रखना चाहिए, किसी को बताना नहीं चाहिए | मंत्र के समान गोपनीय रखकर चुपचाप काम शुरू कर देना चाहिए | जब काम चल रहा हो, उस समय ही उसका ढिंढोरा नहीं पीटना चाहिए | बता देने पर यदि काम पूरा नहीं हुआ तो हंसी होती है | कोई शत्रु काम बिगाड़ भी सकता है | काम पूरा होने पर फिर सबको मालूम हो ही जाता है क्योंकि मनोविज्ञान का नियम है कि आप जिस कार्य के लिए अधिक चिन्तन-मनन करेंगे और चुपचाप उसे कार्य रूप में परिणत करेंगे उसमें सिद्धि प्राप्त करने के अवसर निश्चित मिलेंगे इसीलिए आचार्य का कथन है कि मन में सोची हुई बात या कार्य-योजना रूप में लाने से पहले प्रकट नहीं करनी चाहिए | इसी में सज्जनों की भलाई है|
Lok Swaraj24
बालिकाओं को समाज में गौरवपूर्ण स्थान दिलाने में भागीदारी निभाने हेतु किया प्रेरित कोरबा । राष्ट्रीय बालिका...
जांजगीर-चांपा । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 25 जनवरी को 14वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह जिला एवं समस्त...
एपल ने अपने आईफोन यूजर्स के लिए iOS 17.3 अपडेट लॉन्च कर दिया है। इस नए अपडेट (iOS 17.3...
जांजगीर-चांपा । गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन शासकीय हाई स्कूल के खेल मैदान में किया जायेगा।...
नई दिल्ली, 25 जनवरी । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख है।...
43 साल की उम्र में मिल गई नंबर-1 की कुर्सी नई दिल्ली । भारत के स्टार...
अब वापसी करना होगा मुश्किल नई दिल्ली । टीम इंडिया इंग्लैंड से 5 टेस्ट मैचों की सीरीज...
दोहा, 25 जनवरी । वियतनाम बुधवार को ग्रुप डी में इराक से 3-2 की हार के साथ...
पेट से जुड़ी समस्याएं होंगे दूर हमारे रसोईघर में हींग का इस्तेमाल खाने को स्वादिष्ट बनाने...
