नई दिल्ली, 21 फरवरी। मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने अपनी पाकिस्तान यात्रा में कहा कि...
Lok Swaraj24
नई दिल्ली, 21 फरवरी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस...
श्रीनगर, 21 फरवरी। राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने नार्काे आतंकवाद से जुड़े एक मामले की जांच के...
जयपुर, 21 फ़रवरी। नेशनल जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार सुबह लॉरेंस बिश्नोई और नीरज बवाना सहित कई...
नई दिल्ली, 21 फरवरी । भारत-सिंगापुर के बीच आज (मंगलवार) से धन का आदान-प्रदान आसान हो गया।...
नई दिल्ली, 21 फरवरी। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब बच्चों को मिड-डे मील में मिलेट्स (मोटा अनाज)...
मेथी का इस्तेमाल सब्जी से लेकर पराठे तक में किया जाता है। जहां यह खाने में स्वादिष्ट है, वहीं आयुर्वेद के नजरिए से भी इसके कई फायदे हैं। भारत में सदियों से इसके पत्ते और दानों को आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। वहीं, अगर कोई बीमार है, तो इसे गुण ठीक होने के मदद कर सकते हैं। हां, अगर किसी को कोई गंभीर समस्या है, तो डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दें। मेथी क्या है? मेथी एक प्रकार की खाद्य सामग्री है, जिसे कई तरह से आहार में उपयोग किया जा सकता है। जब इसके हरे पत्तों का सेवन सब्जी के रूप में किया जाता है। वहीं, भोजन बनाते समय इसके दानों का भी उपयोग किया जाता है। इसका पौधा दो-तीन फुट लंबा होता है और इसकी फली में छोटे-छोटे पीले-भूरे रंग के सुगंधित दाने होते हैं। भूमध्य क्षेत्र, दक्षिण यूरोप और पश्चिम एशिया में इसकी खेती बहुतायत में होती है। मेथी के फायदे मधुमेह से राहत मधुमेह के मरीजों को खान-पान पर खासतौर से ध्यान देना चाहिए। ऐसे लोग अपनी डाइट में मेथी के दाने शामिल कर सकते हैं। इस बात की पुष्टि करने के लिए एक वैज्ञानिक शोध किया गया, जिसके मुताबिक, मेथी के बीज का सेवन करने से रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही यह टाइप-2 मधुमेह के रोगियों में इंसुलिन प्रतिरोध को भी कम करने का काम कर सकता है । वहीं, एक दूसरे शोध के मुताबिक, मधुमेह पर इसका लाभदायक असर इसमें मौजूद हाइपोग्लिसेमिक प्रभाव के कारण हो सकता है। इसे रक्त में शुगर की मात्रा को कम करने के लिए जाना जाता है । इसलिए, सामान्य रक्त शुगर वालों को इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए। कोलेस्ट्रॉल के लिए शरीर में कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए मेथी का उपयोग अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। दरअसल, एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, मेथी के दानों में नारिंगेनिन नामक फ्लेवोनोइड होता है। यह रक्त में लिपिड के स्तर को कम करने का काम कर सकता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिस कारण मरीज का उच्च कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है । इसलिए, कहा जा सकता है कि मेथी के बीज के लाभ कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए हो सकते हैं। अर्थराइटिस का दर्द उम्र बढ़ने के साथ-साथ जोड़ों में सूजन होने लगती है, जिस कारण असहनीय दर्द हो सकता है। इसे जोड़ों का दर्द या फिर अर्थराइटिस कहा जाता है। इससे निपटने के लिए मेथी रामबाण नुस्खा है, जिसे सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। मेथी में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये गुणकारी तत्व जोड़ों की सूजन को कम करके अर्थराइटिस के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। मेथी में आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए, मेथी के औषधीय गुण से हड्डियों व जोड़ों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे हड्डियां स्वस्थ व मजबूत रह सकती हैं । हृदय के लिए हृदय बेहतर तरीके से काम कर सके, उसके लिए मेथी का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। जो लोग नियमित रूप से मेथी का सेवन करते हैं, उन्हें दिल का दौरा पड़ने की आशंका कम हो सकती है और अगर दौरा पड़ भी जाए, तो जानलेवा स्थिति से बचा जा सकता है। विभिन्न शोधों में पाया गया है मृत्यु दर के पीछे दिल का दौरा एक प्रमुख कारण होता है। यह तब होता है, जब हृदय की धमनियों में रुकावट आ जाती है। वहीं, मेथी के दाने इस स्थिति से बचाने में सक्षम हो सकते हैं। अगर किसी को दिल का दौरा पड़ भी जाए, तो मेथी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को पैदा होने से रोकने का काम कर सकती है। हृदयाघात के दौरान ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। साथ ही मेथी के बीज शरीर में रक्त प्रवाह को संतुलित रखने में सहायक हो सकते हैं, जिस कारण धमनियों में किसी भी प्रकार की रुकावट पैदा नहीं हो सकती । ऐसे में मेथी दाना खाने के फायदे में हृदय को स्वस्थ रखना भी शामिल है। वजन घटाने के लिए अगर कोई वजन कम करना चाहता है, तो इसके लिए मेथी का उपयोग सहायक सिद्ध हो सकता है। दरअसल, मेथी शरीर में फैट को जमा होने से रोकने का काम कर सकती है। इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो आहार को पचाने के साथ ही भूख को शांत रखने का काम कर सकता है। इससे वजन को बढ़ने से रोका जा सकता है । इसके अलावा, मेथी में विभिन्न प्रकार के पॉलीफेनॉल्स पाए जाते हैं, जिससे वजन कम हो सकता है । इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि मेथी खाने के फायदे वजन घटाने के लिए हो सकते हैं। रक्तचाप में सुधार उच्च रक्तचाप कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है, जिनमें हृदय की समस्या भी शामिल है। मेथी के औषधीय गुण इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, मेथी में एंटीहाइपरटेंसिव प्रभाव पाया जाता है, जो रक्तचाप की समस्या को कम करने का काम कर सकता है । स्वस्थ किडनी...
मशहूर सिंगर सोनू निगम चेंबूर में एक कार्यक्रम में परफॉर्म कर रहे थे, तभी ठाकरे गुट के...
फिल्म इंडस्ट्री में दिग्गज अभिनेत्री और बेहतरीन डांसर के रूप में पहचानी जाने वाली बेला बोस का...
हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया। हेलीकॉप्टर एक ऐसा साधन है, जिसकी सहायता से आप विश्व के किसी भी कोने में जा सकते हैं, चाहे बड़े – बड़े पहाड़ हों या समुद्र, आप इसकी मदद से कहीं भी घूम सकते हैं। आज के समय में हेलिकॉप्टर से यात्रा करना बहुत ही आम बात हो गई है। आज हेलीकॉप्टर में सफर करना ज्यादा महंगा नहीं है। ऐसे में आम लोग भी काफी आसानी से सफर कर सकते हैं। घरेलू क्षेत्र में हेलीकाप्टर का बहुत बड़ा योगदान है। आज बड़े नेता, अभिनेता और अमीर लोग हेलीकॉप्टर में यात्रा करना पसंद करते हैं। उनमें से कुछ के पास अपना प्राइवेट हेलीकॉप्टर भी है। कुछ साल पहले आसमान में उड़ना सिर्फ एक कल्पना थी, लेकिन आज तकनीक के विकास से आसमान में उड़ना संभव हो गया है। आपको बता दें कि लंबे समय से रक्षा के क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। हेलीकॉप्टर की मदद उन जगहों पर ली जाती है जहां हवाई जहाज नहीं पहुंच सकते। आपने भी कभी न कभी हेलीकॉप्टर से यात्रा की होगी, आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि इतना बड़ा हेलीकॉप्टर आसमान में कैसे उड़ता है और हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया? हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया? हेलीकॉप्टर का आविष्कार इगोर सिकोर्स्की ने 14 सितंबर 1939 को किया था। यह दुनिया का पहला सिंगल रोटर प्रायोगिक हेलीकॉप्टर था जिसे अमेरिका के स्ट्रैटफ़ोर्ड सिटी में उड़ान भरकर दिखाया गया था। हालांकि वीएस 300 नाम के इस हेलीकॉप्टर ने कुछ ही मिनटों के लिए उड़ान भरी। उसके बाद इगोर सिकोर्स्की ने अपने हेलीकॉप्टरों में कई सुधार किए और 13 मई 1940 को कई सार्वजनिक उड़ानें पूरी कीं। इगोर सिकोर्स्की एक अमेरिकी रशियन इंजीनियर और विमान विशेषज्ञ थे। माना जाता है कि इगोर सिकोर्स्की ने वर्ष 1910 से हेलीकॉप्टरों पर काम करना शुरू किया था। जिसमें उन्हें 1940 तक आते -आते कामयाबी मिली। इसके बाद हेलीकॉप्टर निर्माण उनके वीएस 300 हेलीकॉप्टर के आधार पर शुरू किया गया था। सिकोर्स्की आर-4 दुनिया का पहला ऐसा हेलीकॉप्टर था जिसे बड़े पैमाने पर बनाया गया था। इसके बाद इगोर सिकोर्स्की ने इसे अमेरिकी वायु सेना को सौंप दिया, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी वायु सेना ने इसका इस्तेमाल किया। इसके साथ ही सिकोर्स्की की कंपनी ने अमेरिकी सेना के लिए बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के हेलीकॉप्टर बनाए थे। इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना ने द्वितीय विश्व युद्ध में खोज और बचाव और राहत टीमों को भेजने के लिए किया था। वर्तमान हेलीकॉप्टर का आविष्कार कब किया गया था 1958 में, सिकोर्स्की की कंपनी ने दुनिया का पहला पानी की सतह से उड़ने वाला और पानी में लैंड करने वाला हेलीकॉप्टर बनाया था। सिकोर्स्की के अलावा, कई लोगों ने हेलीकॉप्टर को आधुनिक बनाने की कोशिश की। 1944 में अमेरिकी इंजीनियर स्टेनली हिलर ने धातु का इस्तेमाल करते हुए हेलीकॉप्टर के रोटर के ब्लेड को सख्त कर दिया। इस बदलाव के बाद हेलीकॉप्टर पहले से कहीं ज्यादा तेजी से उड़ने लगे। वर्ष 1949 में, स्टेनली हिलर ने अपने स्वयं के निर्मित हेलीकॉप्टर हिलर 360 के साथ पूरे अमेरिका का चक्कर लगाया था। हेलिकॉप्टर बनाने की कोशिश न केवल अमेरिकी इंजीनियर ने की थी। बल्कि सिकोर्स्की से पहले फ्रांस के दो भाइयों जैक्स और लुई ब्रेगुएट ने साल 1907 में गायरोप्लेन नंबर 1 नाम का हेलिकॉप्टर बनाया था। इस मशीन ने 2 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरी थी। लगभग 1 मिनट के लिए, पर यह संतुलित नहीं था। इसी साल पॉल कोर्नु नामक आविष्कारक ने भी ऐसा हेलीकॉप्टर बनाया था। जिसने तक़रीबन 20 सेकंड तक उड़ान भरी थी। हेलीकाप्टरों के प्रकार कई तरह के हेलिकॉप्टर आज के समय में मौजूद हैं और सभी का उपयोग अलग-अलग कामों के लिए किया जाता है। मुख्य तीन प्रकार के हेलीकाप्टरों 1.अटैक हेलीकाप्टर 2. रेस्क्यू हेलीकाप्टर 3. ट्रांसपोर्ट हेलीकाप्टर अटैक हेलीकाप्टर इस हेलीकॉप्टर का मुख्य काम दुश्मनों के हमलों का मुंहतोड़ जवाब देना है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से देश की सुरक्षा के लिए किया जाता है। इस प्रकार के हेलीकॉप्टर में मशीनगन, मिसाइल और रॉकेट लोड करके रखे जाते हैं। इस प्रकार के हेलीकॉप्टर में रडार तकनीक भी मौजूद होती है। जो दुश्मन की सही लोकेशन का पता लगाने में मदद करती है। रेस्क्यू हेलीकाप्टर...
