ते पुत्रा ये पितुभ्रक्ता: स: पिता यस्तु पोषक: | तन्मित्रम यत्र विश्वास: सा भार्या या निवृत्ति: ||...
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स्वामी शंकराचार्य समुद्र किनारे बैठकर अपने शिष्य से वार्तालाप कर रहे थे कि एक शिष्य ने चाटूकारिता...
दिनेश कुमार ने अपने घर का दरवाजा खोला तो सामने एक साधु को खड़े पाया | साधु...
दुराचारी च दुर्दृष्टिदुर्रावासी च दुर्जन: | यन्मैत्री क्रियते पुम्भिभर्नर: शीघ्र विनश्यति || यहां आचार्य चाणक्य दुष्कर्म के...
सुलभ के प्रयत्न निष्फल होने पर कृष्ण ने दुर्योधन के समक्ष पांडवो को केवल पाँच गाँव देने...
मूलराज एक दयालु बालक था | उसकी उम्र नौ वर्ष थी | उसके पिता का नाम राजा...
नदीतीरे च ये वृक्षा: परगेहेषु कामिनी | मंत्रिहीनाश्च राजान: शीघ्रं नश्यन्त्यसंशयम || आचार्य चाणक्य नीति के वचनों...
वर्धमान महावीर से उनके एक शिष्य ने प्रश्न किया,”गुरुदेव, मनुष्य के अध:पतन का क्या कारण है और...
ज्वर को आज कोई शिकार नहीं मिला था| वह बेचैनी से अपने शिकार की तलाश में था|...
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गजा में मानवीय सहायता में तेजी लाने के लिए एक प्रस्ताव पास...
