नई दिल्ली, 09 जनवरी । केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा राज्य मंत्री...
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नई दिल्ली, 09 जनवरी । सोमवार को समूचा उत्तर भारत कोहरे की चपेट में रहा। घने कोहरे...
भोपाल, 9 जनवरी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार 10 जनवरी को इंदौर में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 17वें...
भोपाल, 9 जनवरी । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार 10 जनवरी को इंदौर में तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय...
तिरुवनन्तपुरम । केरल में सोमवार की सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। लेकिन सड़क हादसे में...
ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सरकारी...
इंदौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में शामिल हुए। पीएम मोदी...
नई दिल्ली। जेईई मेंस की परीक्षाएं इसी महीने जनवरी में आयोजित की जानी है। परीक्षा देने के लिए...
मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रमुख चंदा कोचर और उनके व्यवसायी पति...
प्रवासी भारतीय दिवस भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 9 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश वापस आये थे। इस दिवस को मनाने की शुरुवात सन २००३ से हुई थी। प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की संकल्पना स्वर्गीय लक्ष्मीमल सिंघवी के दिमाग की उपज थी। साल २०१९ में यह सम्मलेन वाराणसी में आयोजित किया गया था इस सम्मेलन में कई बड़े-बड़े उद्योगपति और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी बुलाए जाते हैं। इस अवसर पर प्रायः तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसमें अपने क्षेत्र में विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वाले भारतवंशियों का सम्मान किया जाता है तथा उन्हे प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान किया जाता है। यह आयोजन भारतवंशियों से सम्बन्धित विषयों और उनकी समस्यायों के चर्चा का मंच भी है। PBD सम्मेलन हर दो वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता हैं। पीबीडी 2021: 16वाँ PBD सम्मेलन वस्तुतः नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। जिसका विषय था “आत्मनिर्भर भारत में योगदान”। इस दिन सरकार प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार भी प्रदान करती है। यह एक अनिवासी भारतीय या भारतीय मूल के व्यक्ति और अनिवासी भारतीयों या भारतीय मूल के व्यक्तियों द्वारा स्थापित एवं संचालित एक संगठन/संस्था को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जिन्होंने विदेशों में भारत को बेहतर ढंग से समझने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है तथा भारत के कारणों और चिंताओं का मूर्त रूप से समर्थन करते हैं। महत्त्व: यह प्रवासी भारतीय समुदाय को सरकार और देश के मूल लोगों के साथ जुड़ने के लिये एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये कन्वेंशन दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच नेटवर्किंग में बहुत उपयोगी हैं और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अपने अनुभव साझा करने में सक्षम बनाते हैं। प्रवासी भारतीयों से संबंधित सरकारी पहलें प्रवासी कौशल विकास योजना (PKVY): प्रवासी भारतीय कामगारों के कौशल विकास की प्रक्रिया को संस्थागत बनाना। प्रवासी बच्चों के लिये छात्रवृत्ति कार्यक्रम (SPDC): स्नातक पाठ्यक्रमों हेतु भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIO) और अनिवासी भारतीय (NRI) छात्रों को प्रतिवर्ष 100 छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जाती हैं। ‘भारत को जानो’ कार्यक्रम (केआईपी): यह भारतीय मूल के युवाओं (18-30 वर्ष) को उनकी भारतीय मूल और समकालीन भारत से परिचित कराता है। ई-माइग्रेट सिस्टम: यह एक विदेशी नियोक्ता डेटाबेस है। यह कल्याण सुनिश्चित करता है और प्रवासियों के शोषण पर रोक लगाता है। VAJRA (उन्नत संयुक्त अनुसंधान संकाय का दौरा) योजना: यह एक रोटेशन कार्यक्रम को औपचारिक रूप देता है जिसमें शीर्ष एनआरआई वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, प्रबंधक और पेशेवर एक संक्षिप्त अवधि के लिये भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों की सेवा करते हैं, अपनी विशेषज्ञता की सेवा देते हैं
