नई दिल्ली, 13 दिसंबर। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश...
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नई दिल्ली, 13 दिसंबर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाज ऐप के दो मुख्य प्रमोटरों में एक रवि उप्पल को...
भोपाल, 13 दिसंबर । मध्य प्रदेश भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. मोहन यादव आज (बुधवार) पूर्वाह्न...
लखनऊ, 12 दिसम्बर । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत के पास 5 डी (डिमांड, डेमोग्राफी,...
जयपुर, 12 दिसंबर । सांगानेर से विधायक भजनलाल शर्मा राजस्थान के नये मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें मंगलवार को...
नई दिल्ली, 12 दिसंबर । केन्द्र सरकार ने मंगलवार को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता...
शिमला, 12 दिसंबर। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक साल बाद पहली बार अपनी...
दशम सिख गुरु गोविंदसिंहजी आनन्दपुर साहिब में विराजमान थे | उन्हें तृषा का अनुभव हुआ, तो बोले, “कोई मुझे पवित्र हाथों से जल पिलाये |’’ एक संभ्रान्त व्यक्ति उठा और जल ले आया | जलपात्र लेते समय गुरूजी का स्पर्श उस व्यक्ति के हाथ से हो गया | वे पूछ बैठे, “तुम्हारे हाथ इतने कोमल क्यों है ?’’ वह अपनी प्रशंसा समझ फूला न समाया | बोला, “गुरूजी, मेरे अनेक सेवक हैं | मैं स्वयं कोई कार्य नहीं किया करता, इसलिए मेरे हाथ इतने कोमल हैं |’’ गुरूजी ने अंधेरों तक लाये हुए जलपात्र को नीचे रख दिया और वे गम्भीर स्वर में बोले, “जिन हाथों ने कभी सेवा ही न की, वे पवित्र कैसे, हुए ? पवित्रता तो सेवा से ही प्राप्त होती है | मैं तुम्हारे हाथ का जल ग्रहण नहीं कर सकता |’’ वह व्यक्ति शर्मिन्दा हो गया और उसने गुरूजी को वचन दिया कि वह न केवल अपने कार्य स्वयं किया करेगा, वरन अब दूसरों की सेवा भी किया करेगा |
जयपुर, 12 दिसंबर । भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक आज (मंगलवार) शाम चार बजे भाजपा...
नई दिल्ली, 12 दिसंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज (मंगलवार) शाम पांच बजे राष्ट्रीय राजधानी के भारत...
