गुवाहाटी, 22 फरवरी। असम के 31वें राज्यपाल के रूप में गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को पद...
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नई दिल्ली, 22 फरवरी। भारत में डेनमार्क के राजदूत फ्रेडी स्वान को भरोसा है रूस-यूक्रेन युद्ध रुकने...
रामकृष्ण परमहंस भारत के बहुत प्रसिद्ध संत में से एक हैं. स्वामी विवेकानंद जी इनके विचारों से...
अगर हम भारत के स्वतंत्रता संग्राम की बात करें तो हमारे मस्तिष्क में अनेकों महिलाओं का नाम...
अहमदाबाद/गांधीधाम, 21 फरवरी। गुजरात के कच्छ जिले के गांधीधाम में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी साथी कुलविंदर...
देहरादून, 21 फरवरी। उत्तराखंड विधान सभा अध्यक्ष सिक्किम विधान सभा गंगटोक में होने वाले 19वें राष्ट्र मण्डल...
नई दिल्ली, 21 फरवरी। मिजोरम के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति निवास में...
श्रीनगर, 21 फरवरी। राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने नार्काे आतंकवाद से जुड़े एक मामले की जांच के...
जयपुर, 21 फ़रवरी। नेशनल जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार सुबह लॉरेंस बिश्नोई और नीरज बवाना सहित कई...
हिंदी साहित्य के उन प्रमुख चार स्तंभों में से एक हैं जिन्होंने अपनी शानदार कविताओं से दिल जीता है। निराला जी हिंदी साहित्य के एक बहुत ही महत्वपूर्ण कवि, लेखक, उपन्यासकार, कहानीकार ,निबंधकार और संपादक थे। वह प्रगतिवाद प्रयोगवाद, काव्य का जनक , और अपने नाम के अनुरूप हर क्षेत्र में निराले भी थे। उनके अंदर एक सबसे अहम गुण ‘यथा नाम तथा गुण’ के बारे में प्रमाण मिलता था। जन्म निराला का जन्म वसंत पंचमी रविवार 21 फरवरी 1896 के दिन हुआ था, अपना जन्मदिन वसंत पंचमी को ही मानते थे। उनकी एक कहानी संग्रह ‘ लिली’ 21 फरवरी 1899 जन्म तिथि पर ही प्रकाशित हुई थी। रविवार को इनका जन्म हुआ था इसलिए वह सूर्ज कुमार के नाम से जाने जाते थे। उनके पिताजी का नाम पंडित राम सहाय था वह सिपाही की नौकरी करते थे। उनकी माता का नाम रुक्मणी था जब निराला जी 3 साल के थे तब उनकी माता की मृत्यु हो गई थी उसके बाद उनके पिता ने उनकी देखभाल की। शिक्षा उनकी प्रारंभिक शिक्षा महिषादल हाई स्कूल से हुई थी परंतु उन्हें...
