नई दिल्ली, 30 मई । कंबोडिया के राजा नोरोडोम सिहामोनी का आज सुबह राष्ट्रपति भवन में औपचारिक...
देश
नई दिल्ली, 30 मई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के नौ वर्ष पूरे होने...
नई दिल्ली, 30 मई । महाराष्ट्र के चंद्रपुर से कांग्रेस के लोकसभा सदस्य बालू धानोरकर का मंगलवार...
भोपाल, 29 मई । `प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज का भारत सुरक्षित और आत्मविश्वास से भरा...
श्रीहरिकोटा, 29 मई । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से...
नई दिल्ली, 29 मई । सीबीआई ने 24 हॉक विमान की खरीद में सरकार के साथ ‘धोखाधड़ी’...
आस्था व भक्ति का केन्द्र माता भद्रकाली का परम पावन दरबार उत्तराखंड राज्य के बागेश्वर जिले के कमस्यार घाटी में स्थित माता भद्रकाली का परम पावन दरबार सदियों से आस्था व भक्ति का केन्द्र है। कहा जाता है कि माता भद्रकाली के इस दरबार में मांगी गई मन्नत कभी भी व्यर्थ नहीं जाती है। जो श्रद्धा व भक्ति के साथ अपनी आराधना और श्रद्धा के साथ मां के चरणों में पुष्प अर्पित करता है। वह परम कल्याण का भागी बनता है। माता भद्रकाली का यह धाम बागेश्वर जनपद में महाकाली के स्थान, कांडा से करीब 15 किमी और जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी की दूरी पर सानिउडियार होते हुए बांश पटान,सेराघाट निकलने वाली सड़क पर भद्रकाली नाम के गांव में स्थित है। यह स्थान इतना मनोरम है कि इसका वर्णन करना वास्तव में बेहद कठिन है। माता भद्रकाली का प्राचीन मंदिर करीब 200 मीटर की चौड़ाई के एक बड़े भूखंड पर स्थित है भद्रकाली गुफा। इस गुफा के अन्दर एक सुरम्य पर्वतीय नदी बहती है। जो कि विशाल शक्ति कुंड के नाम से जाना जाता है। मां भद्रकाली को पूर्ण रूप से वैष्णवस्वरूप में पूजा जाता है, मां भद्रकाली को ब्रह्मचारिणी के नाम से भी जाना जाता है। वैष्णोंदेवी मन्दिर के अलावा भारत भूमि में यही एक अदभुत स्थान है। जहां माता भद्रकाली की महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती तीनो रूपों में पूजा होती है। इन स्वरूपों में पूजन होने के कारण इस स्थान का महत्व प्राचीन काल से पूज्यनीय रहा है, आदि गुरू शंकराचार्य ने इस स्थान के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना। माता भद्रकाली मंदिर की मान्यता माना जाता है कि यहां पर मंदिर का निर्माण लगभग सन् 930 में एक महायोगी संत ने कराया था देवी के इस दरबार में समय-समय पर अनेकों धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न होते रहते है। मंदिर में पूजा के लिए चंद राजाओं के समय से आचार्य एवं पूजारियों की व्यवस्था की गई थी। माता भद्रकाली का जिक्र श्रीमद देवी भागवत के अतिरिक्त शिव पुराण और स्कन्द पुराण के मानस खंड में आता है, कहते है कि माता भद्रकाली ने स्वयं इस स्थान पर छः माह तक तपस्या की थी,यहां नवरात्री की अष्टमी के दिन श्रद्धालु पुरी रात्रि हाथ में दीपक लेकर मनवांछित फल प्राप्त करने के लिए तपस्या करते है। क्या माता भद्रकाली मंदिर को अंग्रेजों ने कर रहित किया मंदिर में ही पिछले करीब डेढ़ दशक से साधनारत बाबा निर्वाण चेतन मुनि उदासीन मुनि बताते हैं कि अंग्रेजी दौर से ही यह स्थान कर रहित रहा है। अंग्रेजों ने भी इस स्थान को अत्यधिक धार्मिक महत्व का मानकर कर रहित घाषित किया था। आज भी यहाँ किसी प्रकार शुल्क नहीं लिया जाता है। यह भी माना जाता है कि माता भद्रकाली भगवान श्रीकृष्ण की कुलदेवी यानी ईष्टदेवी थीं।उनका एक मंदिर कुरूक्षेत्र हरियाणा, दूसरा झारखंड एवं तीसरा नेपाल के भद्रकाली जिले में भी स्थित है। कहा जाता हैं कि आदि- अनादि काल में सृष्टि की रचना के समय आदि शक्ति ने त्रिदेवों-ब्रह्मा, विष्णु व महेश के साथ उनकी शक्तियों-सृष्टि का पालन व ज्ञान प्रदान करने वाली ब्रह्माणी यानी माता सरस्वती, पालन वाली वैष्णवी यानी माता लक्ष्मी और बुरी शक्तियों का संहार करने वाली शिवा यानी माता महाकाली का भी सृजन किया। कम ही लोग जानते है कि माता सरस्वती, लक्ष्मी और महाकाली तीनो एक ही स्थान पर आदि-अनादि काल से एक साथ माता भद्रकाली के रूप में विराजती है। और सच्चे मन से आने वाले भक्तों को साक्षात दर्शन देकर उनके कष्टों को दूर करती है। हनुमानगढ़ का भद्रकाली माता का अनूठी परम्परा वाला मंदिर जहाँ आज भी चढ़ती है बलि आज जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वह हनुमानगढ़ स्थित भद्रकाली माता का मंदिर है।मंदिर का इतिहास थोड़ा अतीत में है। कथा का प्रसंग इस प्रकार है कि तकरीबन 500 वर्ष पहले मुगल बादशाह अकबर इस इलाके से गुजर रहा था उस समय यह पूरा बियाबान जंगल था। इस जंगल में उसे एक बुढ़िया दिखायी दी। यह बुढ़िया वर्तमान भद्रकाली माता ही थी। बुढ़िया से अकबर ने कहा की माई मुझे प्यास लगी है पानी मिल सकता है। बुढ़िया ने उसे जमीन से थोड़ा पानी निकालकर पानी दिया।...
नई दिल्ली, 29 मई। भारत में फाइटर जेट इंजन बनाने की जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) की योजना को...
कोलकाता, 29 मई । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अगले महीने बिहार की राजधानी पटना में...
नई दिल्ली, 29 मई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वर्तमान सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर...
