नई दिल्ली, 27 अप्रैल । भारत और न्यूजीलैंड, वस्तुओं एवं सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर सोमवार को हस्ताक्षर करेंगे। यह समझौता दोनों पक्षों द्वारा तय तारीख से लागू होगा।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस समझौते में 20 पाठ शामिल हैं, जिनमें वस्तुओं का व्यापार, मूल नियम, सेवाएं, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुगमता, एसपीएस, टीबीटी, व्यापार उपाय, विवाद निपटान और कानूनी प्रावधान शामिल हैं।
एफटीए दो या अधिक देशों के बीच एक आर्थिक व्यवस्था है, जिसमें वे आपस में व्यापार होने वाली अधिकतम वस्तुओं पर सीमा शुल्क समाप्त करने या काफी हद तक कम करने पर सहमत होते हैं। इसके साथ ही वे उन बाधाओं को भी कम करते हैं जो दोतरफा व्यापार एवं निवेश को प्रभावित कर सकती हैं।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड नई आज दिल्ली में एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। ये समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आगरा के ताजमहल में न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के साथ गोयल ने कहा कि वर्षों की उच्च स्तरीय चर्चाओं के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया है। दोनों देशों के नेताओं की उपस्थिति में इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर पांच अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच समझौते के लिए बातचीत पहली बार 2010 में शुरू हुई, 2015 में नौ दौर के बाद रुक गई, और मार्च 2025 में फिर शुरू हुई। इसके बाद 16 मार्च 2025: वार्ता फिर से शुरू हुई, 22 दिसंबर 2025: वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई थी जिस पर साेमवार 27 अप्रैल को हस्ताक्षर होने हैं।
