अल्फाबेट की गूगल ने US डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेंस के साथ एक क्लासिफाइड एग्रीमेंट साइन किया है, जिससे पेंटागन को क्लासिफाइड काम के लिए कंपनी के AI मॉडल इस्तेमाल करने की इजाज़त मिल गई है। द इन्फॉर्मेशन के मुताबिक, यह डील पेंटागन को ‘किसी भी कानूनी सरकारी मकसद’ के लिए गूगल के AI को इस्तेमाल करने की इजाज़त देती है।
इस अरेंजमेंट में गूगल, ओपनAI और एलन मस्क के xAI के साथ आ गया है, जिनके पास सेंसिटिव सरकारी एप्लीकेशन के लिए AI मॉडल सप्लाई करने के लिए ऐसे ही डील हैं।
कर्मचारियों का विरोध यह एग्रीमेंट गूगल के कर्मचारियों के अंदरूनी विरोध के बावजूद हुआ है। कई कर्मचारियों ने कंपनी से पेंटागन के साथ अपनी भागीदारी को और गहरा न करने की अपील की है, खासकर मिलिट्री से जुड़े AI प्रोजेक्ट पर। इस कदम ने पिछले विवादों की यादें ताज़ा कर दीं, जैसे प्रोजेक्ट मेवेन, जिसके कारण कर्मचारियों ने बड़े विरोध प्रदर्शन किए थे और गूगल ने कई साल पहले कुछ डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट से हटने का फैसला किया था।
द इन्फॉर्मेशन ने बताया कि इस डील के तहत गूगल को सरकार के कहने पर कंपनी की AI सेफ्टी सेटिंग्स और फिल्टर को एडजस्ट करने में मदद करनी होगी। कॉन्ट्रैक्ट की पूरी जानकारी क्लासिफाइड ही रहेगी। क्लासिफाइड नेटवर्क का इस्तेमाल कई सेंसिटिव कामों के लिए किया जाता है, जिसमें मिशन प्लानिंग और हथियारों को टारगेट करना शामिल है। पेंटागन ने पहले भी कमर्शियल यूज़र्स पर लगाई जाने वाली आम पाबंदियों के बिना टॉप AI मॉडल्स तक बड़ी पहुँच की मांग की है।
गूगल ने कहा है कि वह क्लासिफाइड और नॉन-क्लासिफाइड, दोनों तरह के प्रोजेक्ट्स पर सरकारी एजेंसियों को सपोर्ट करता है। कंपनी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि AI का इस्तेमाल घरेलू बड़े पैमाने पर निगरानी या बिना सही इंसानी निगरानी के ऑटोनॉमस हथियारों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। पेंटागन ने रिपोर्ट पर तुरंत कोई कमेंट नहीं किया। यह एग्रीमेंट US मिलिट्री द्वारा अपने ऑपरेशन्स में एडवांस्ड AI क्षमताओं को इंटीग्रेट करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है।
