August 20, 2026

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भारत के शीर्ष मंत्रियों ने गुरुवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के रोडमैप के क्रियान्वयन में हुई प्रगति पर चर्चा की।

चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक (ISMR) में भारत का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया।

बैठक में सहयोग के छह प्रमुख क्षेत्रों—उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता में हुई प्रगति की समीक्षा की गई।

दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग, डिजिटल क्षेत्र, कनेक्टिविटी, कौशल विकास और स्थिरता समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की।

इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को अपने सिंगापुर समकक्ष विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों तथा मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति पर विचार-विमर्श किया।

जयशंकर और बालाकृष्णन ने सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी परिसर की आधारशिला भी रखी। जयशंकर ने कहा कि यह परिसर दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए चरण का प्रतीक बनेगा और सिंगापुर में भारतीय समुदाय को बेहतर सहयोग प्रदान करेगा।

भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक दोनों देशों के बीच नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। इसकी पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। इसके बाद दूसरी बैठक अगस्त 2024 में सिंगापुर और तीसरी बैठक अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।