अमरेली (गुजरात), 03 मार्च । गुजरात के अमरेली जिले की राजुला तहसील के भावनगर-सोमनाथ नेशनल हाइवे पर...
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भोपाल, 03 मार्च । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (शुक्रवार) मध्य प्रदेश के प्रवास पर रहेंगी। वो राजधानी...
शिलांग, 03 मार्च । मेघालय के मोइरांग में विधानसभा चुनाव के लिए हुई मतगणना के बाद हिंसा...
नई दिल्ली, । भारत के लिए पाकिस्तान के साथ तीन युद्ध जीतने वाले रूसी लड़ाकू योद्धा मिग-21...
नई दिल्ली, 28 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) की महिला टीम का पहला अभ्यास सत्र सोमवार को...
नई दिल्ली, 28 फरवरी (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी...
नई दिल्ली, 28 फ़रवरी (हि.स.)। पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार दबाव...
नई दिल्ली, 28 फरवरी (हि.स.)। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला और ट्विटर प्रमुख एलन मस्क एक बार...
घड़ी के आविष्कार को दो कालखंड में बांटा जा सकता है। एक पुरातन इतिहास की घड़ी का आविष्कार और दूसरा आधुनिक घड़ी का आविष्कार। प्राचीनकाल में समय की गणना हेतु सूर्य की स्थिति देखी जाती थी। सूर्य से ही समय का अनुमान लगाया जाता था। किसी पिंड, इमारत या चट्टान की छाया को देखकर पहर की गणना की जाती थी। बादल होने की स्थिति में यह समय गणना नामुमकिन थी। रात के समय में ग्रह नक्षत्र, तारे देखकर समय की गणना होती थी। इतिहास में आता है कि सबसे पहले घड़ी चीन में बनाई गई थी। इसको जल घड़ी...
गर्मियां शुरू होते ही लीची का फल आपको बाजार में देखने को मिलने लगता है। जबकि इससे...
