बेरूत/गाजा, 08 अक्टूबर । लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिण में हुए इजराइल के हमले में वरिष्ठ हिजबुल्लाह...
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रावलपिंडी, 08 अक्टूबर । पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने सोमवार को रावलपिंडी सेंट्रल जेल (अदियाला जेल)...
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर । हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के मतगणना के रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए...
भगवान् राम जब शबरी से मिलने के लिए गए, तो उन्होंने देखा कि वहां के सारे फूल खिले हुए हैं, उनमें से एक भी कुम्हलाया नहीं है तथा प्रत्येक से मधुर भीनी–भीनी सुगंध निकल रही है | उन्होंने जिज्ञासावश शबरी से इनका करण पूछा, तो वह बोली, “भगवन, इसके पीछे एक घटना है| यहां बहुत समय पूर्व मातंग ऋषि का आश्रम था, जहाँ बहुत से ऋषि–मुनि और विद्यार्थी रहा करते थे | एक बार चातुर्मास के समय आश्रम में ईंधन समाप्त– प्राय था | वर्षा प्रारंभ होने के पूर्व ईंधन लाना जरुरी था | प्रमादवश विद्यार्थी लकड़ी लाने नहीं जा रहे थे | तब एक दिन स्वयं वृद्ध मातंग ऋषि अपने कंधे पर कुल्हाड़ी रखकर लकड़ियाँ काटी और उन्हें बांध–बांध कर वे लोग आश्रम की ओर लौटने लगे | हे राम ! वृद्ध आचार्य के शरीर से श्रम–बिंदु निकलने लगे थे | विद्यार्थी भी पसीने से तर– बतर हो गए थे | तब जहाँ–जहाँ वे श्रमबिंदु गिरे थे, वहां–वहां सुंदर फूल खिल उठे, जो बढ़ते–बढ़ते आज सारे वन में फ़ैल गए हैं | यह उनका पुण्य प्रभाव ही है कि वे ज्यों के त्यों बने हुए हैं, कुम्हला नहीं रहे हैं |” तात्पर्य यह कि भली प्रकार से किये गए कार्य मधुर सुगंध देते हैं और मिट्टी पर ही खिलते हैं | श्रमजीवी के शरीर से निकलनेवाला पसीना ही संसार का पोषण करता है और जीवन जीने की अनुकूल स्थिति पैदा करता है |
फिल्म इंशाअल्लाह के बंद होने पर आलिया भट्ट खूब रोईं थी। बॉलीवुड निर्देशक संजय लीला भंसाली ने...
बॉलीवुड सीरियल किसर अभिनेता इमरान हाशमी फिलहाल अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। फिल्म...
इस साल चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को संयुक्त रूप से दिया गया...
रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दोपहर 3:45 बजे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 23 वर्ष पूरा...
मौसम न्यूज 8 अक्टूबर 2024: राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत में मॉनसून की विदाई के बाद गर्मी...
