नई दिल्ली, 25 फरवरी। भारतीय नौसेना ने अपने वार्षिक रिफिट सम्मेलन में जहाजों, पनडुब्बियों की परिचालन उपलब्धता...
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नई दिल्ली, 25 फरवरी। जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज़ का शनिवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया...
सुकमा, 25 फ़रवरी । सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे पुलिस...
रायपुर/नई दिल्ली, 25 फरवरी । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार पंडित नेहरू और...
नई दिल्ली, 25 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार भविष्योन्मुखी फैसले लेते हुए देश...
रायपुर/ नई दिल्ली, 25 फरवरी। कांग्रेस के 85वें महाअधिवेशन के दूसरा दिन रायपुर में शनिवार को कांग्रेस...
नई दिल्ली, 25 फरवरी । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। पिछले...
पुणे, 25 फ़रवरी । किसानों की इन दिनों हरी पत्तेदार और मिर्च-टमाटर जैसी सब्जियों की पैदावार से...
घड़ी के आविष्कार को दो कालखंड में बांटा जा सकता है। एक पुरातन इतिहास की घड़ी का आविष्कार और दूसरा आधुनिक घड़ी का आविष्कार। प्राचीनकाल में समय की गणना हेतु सूर्य की स्थिति देखी जाती थी। सूर्य से ही समय का अनुमान लगाया जाता था। किसी पिंड, इमारत या चट्टान की छाया को देखकर पहर की गणना की जाती थी। बादल होने की स्थिति में यह समय गणना नामुमकिन थी। रात के समय में ग्रह नक्षत्र, तारे देखकर समय की गणना होती थी। इतिहास में आता है कि सबसे पहले घड़ी चीन में बनाई गई थी। इसको जल घड़ी...
ब्रेकफास्ट हेल्दी होने से पूरा दिन में हम एनर्जी से भरपूर रहते हैं। आमतौर पर सुबह के...
