नई दिल्ली, 16 अप्रैल । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश...
देश
देहरादून, 15 अप्रैल । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा-एनडीए का एक संकल्प...
मुंबई, 15 अप्रैल । केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मोदी की गारंटी अर्थात गारंटी...
नवादा, 15 अप्रैल । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवादा में भाजपा उम्मीदवार विवेक ठाकुर के...
अयोध्या,15 अप्रैल । श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर रामनवमी...
लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने रविवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया। पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो को संकल्प पत्र का नाम दिया है। पार्टी ने अपना घोषणा पत्र से जारी करने से पहले जनधन खाते, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण से लेकर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने, राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक खत्म करने का जिक्र किया गया। इसके साथ ही महिला आरक्षण कानून नार शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराने की बात कही गई। बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि बीजेपी जो वादे करती है उसे पूरा करती है। पार्टी ने बीजेपी का संकल्प और मोदी की गारंटी पर इस बार फोकस किया है। इसमें महिला, युवा, गरीब किसानों को प्रमुखता देते हुए सबका साथ सबका विकास की बात कही गई है। खास बात है कि आयुष्मान भारत के दायरे में अब 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग कवर होंगे। बीजेपी ने संकल्प पत्र में यह वादा भी किया है। पार्टी का ये संकल्प पत्र 76 पन्नों का है, जिसमें कई वादे किए गए हैं। घोषणा-पत्र जारी करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि घोषणा-पत्र समिति को करीब 15 लाख सुझाव मिले हैं। इसमें ऑनलाइन माध्यम नमो एप से चार लाख और वीडियो से 10 लाख सुझाव मिले हैं। संकल्प पत्र की खास बातें आनेवाले पांच साल में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की गारंटी अगलेपांच साल तक मुफ्त राशन, पानी और गैस कनेक्शन और पीएम सूर्यघर से जीरो बिजली बिल आयुष्मानभारत से पांच लाख तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, यह आगे भी मिलता रहेगा. 70 साल से ऊपर की आयु के हर बुजुर्ग को इस योजना में लाया जाएगा. मध्यमवर्ग परिवारों के लिए पक्के घर, स्वास्थ सेवाओं का विस्तार नेशनलएजुकेशन पॉलिसी लागू होगी, हर नागरिक को हाई क्वालिटी शिक्षा प्राप्त होगी 2036 मेंओलंपिक की मेजबानी करेंगे युवाओंके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, इन्वेस्टमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, हाई वैल्यू सर्विसेज, स्टार्टअप और टूरिज्म और खेल के जरिये लाखों रोजगार के अवसर मिलेंगे। नारीतू नारायणी के तहत आगे 3 करोड़ लखपति दीदी बनाएंगे। महिलासेल्फ हेल्प ग्रुप को सर्विस सेक्टर से जोड़कर नए अवसर देंगे। महिलाओंमें सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और ओस्टियोपोरोसिस पर विशेष ध्यान देंगे। महिलाओंके लिए सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय बनाए जाएंगे। नारीवंदन अधिनियम को लागू करेंगे। बीजसे बाजार तक किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश करेंगे। श्रीअन्नको सुपर फूड की तरफ स्थापित करेंगे।...
कहने को कहा जाता है कि जिसने दर्द नहीं सहा, वह क्या जानें पीर पराई, ममता बनर्जी को...
गोल्डमेन सेच्स नामक अंतरराष्ट्रीय निवेश संस्थान ने अपने एक रिसर्च पेपर में बताया है कि आगे आने...
हमारे देश में ऐसे कई मंदिर हैं जो अपने रहस्यों के लिए जाने जाते हैं, ये रहस्य कभी मंदिर की बनावट से जुड़े होते हैं तो कभी मंदिर की कहानी से जुड़े, लेकिन भारत में एक मंदिर ऐसा भी है जहां महिलाओं का जाना वर्जित, न ही महिलाएं यहां पूजा कर सकती है और न ही यहां का प्रसाद ग्रहण कर सकती है। यहां तक की अगर किसी महिला ने यहां का प्रसाद भी ग्रहण कर लिया तो उस महिला के साथ कोई न कोई अनहोनी हो जाती है। इसलिए केवल पुरुष ही यहां की पूजा-पाठ की रीतियों को निभाते हैं। ये मंदिर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से करीबन 12 किलोमीटर दूर है जो निरई माता का मंदिर है। ये मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है जो केवल 5 घंटे के लिए खुलता है। निरई माता का ये मंदिर सुबह 4 बजे से सुबह 9 बजे तक ही खुलता है, इस दौरान यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ पड़ती है। जहां एक तरफ माता रानी के नाम से ही सपष्ट है। माता का हार-श्रृंगार आदि। माता के इस अनोखे मंदिर में सिंदूर, श्रृंगार, कुमकुम, गुलाल और सुहाग की अन्य चीजें नहीं चढ़ाई जाती बल्की नारियल और अगरबत्ती चढ़ाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि मंदिर में नारियल और अगरबत्ती चढ़ाने से माता प्रसन्न होती है। इसके साथ ही यहां बकरों की बलि दी जाती है,। लोक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। कई सालो से चली आ रही प्रथा के अनुसार मनोकामना पूरी होने के बाद मां को बकरे की बलि उपहार के रूप दी जाती है। इस मंदिर की एक और हैरान करने वाली बात ये है कि यहां चैत्र माह के नवरात्रों में 9 दिन ज्योत स्वयं प्रज्वलित होती है।.और माता रानी की ये पवित्र जोत बिना तेल और घी के स्वयं जलती है। ये नज़ारा देखने लोग दुर-दूर से यहां आते हैं और हैरान रह जाते हैं। यहां तक कि बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी इस रहस्य का पता आज तक नहीं लगा पाएं। आपको बता दें कि साल भर में ये मंदिर केवल 5 घंटों के लिए ही खोला जाता है बाकी के दिनों में इस मंदिर परिसर में आना प्रतिबंधित है, लेकिन जब ये मंदिर खुलता है तो यहां हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है, इतनी भीड़ की इस भीड़ को संभालने के लिए यहां इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ता है। प्रत्येक वर्ष इस मंदिर परिसर में चैत्र नवरात्र के मौके पर अपने आप ही ज्योति प्रज्जवलित होता है। यह चमत्कारिक ज्योति नौ दिनों तक अपने आप ही जलती रहती है वो भी बिना तेल और घी के। इस पहाड़ में ये ज्योति बिना तेल और घी के कैसे जलती है इस पर आजतक रहस्य ही बना हुआ है। कोई भी व्यक्ति इस रहस्य के पीछे की वजह को आज तक नहीं जान पाया है। वहीं रहस्यों से भरे इस मंदिर की एक और गुत्थी को भी आजतक कोई नहीं सुलझा पाया है और वो ये है कि निरई माता के मंदिर में महिलाओं का जाना प्रतिबंधित है। इस मंदिर में न ही महिलाएं प्रवेश कर सकती हैं और न ही पूजा पाठ कर सकती हैं। यहां तक की महिलाएं अगर इस मंदिर का प्रसाद भी ग्रहण करती हैं तो उनके साथ कोई न कोई अनहोनी हो जाती है। इसी कारण इस मंदिर में केवल पुरुष ही जाते हैं और यहां जाकर माता की पूजा अर्चना करते हैं।
15 अप्रैल दिन सोमवार को मां दुर्गा की सातवीं शक्ति मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की...
