अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आज कहा कि वह प्रत्येक भारतीय मुसलमान के लिए हज को सुलभ और किफायती बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हज के हवाई किराए में वृद्धि को लेकर कई मीडिया प्लेटफॉर्मों पर चिंताएं व्यक्त किए जाने के बाद मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से यह बात कही। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन की बढ़ती लागत के कारण एयरलाइंस ने तीन सौ से चार सौ डॉलर की मांग की थी, लेकिन मंत्रालय ने इसे प्रति यात्री एक सौ डॉलर तक सीमित कर दिया, जिससे दो से तीन सौ डॉलर की बचत हुई। मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने दबाव को सहन किया है और हज यात्रियों को इससे कहीं अधिक बोझ से बचा रही है। प्रक्रिया पारदर्शी और कानूनी थी, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि एक लाख से अधिक पंजीकृत हज यात्रियों के लिए हज 2026 के संचालन में कोई बाधा न आए।
