भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स एंड ईसीआईनेट’ सम्मेलन के दौरान इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स 2.0 (ईएलसी 2.0) का शुभारंभ किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान चुनावी प्रक्रियाओं में विश्वास मजबूत करने, चुनावी साक्षरता बढ़ाने और युवाओं की सूचित लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
चुनावी प्रक्रिया की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने पर जोर
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप कराए जाते हैं। चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की निगरानी के बीच पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संचालित होती है। उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं को चुनावी प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग की भूमिका से परिचित कराने की जरूरत बताई।
लोकतंत्र के भविष्य में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि युवा नागरिकों का चुनावी प्रक्रिया में विश्वास और उनकी सूचित भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
ईएलसी का नया लोगो और टैगलाइन जारी
कार्यक्रम के दौरान इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के नए लोगो का अनावरण भी किया गया। इसकी नई टैगलाइन ‘लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें’ रखी गई है। इसका उद्देश्य युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को लोकतंत्र को समझने के साथ चुनावी प्रक्रिया में सार्थक भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।
बिहार दौरे के दौरान बीएलओ से भी मिले सीईसी
कार्यक्रम से पहले ज्ञानेश कुमार ने राजगीर के अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बैठक की। 16 और 17 अगस्त 2026 के बिहार दौरे के दौरान उन्होंने मधुबनी, वैशाली और नालंदा में जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों और व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
स्कूल-कॉलेजों में सालभर चलेंगी गतिविधियां
ईएलसी 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों को अधिक सुव्यवस्थित, सशक्त और डिजिटल रूप से सक्षम मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाने के साथ उनके परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों तक चुनावी जागरूकता पहुंचाने के लिए सालभर गतिविधियां संचालित करना है।
ईसीआईनेट से जुड़ेगा ईएलसी नेटवर्क
ईएलसी 2.0 व्यापक ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेगा। ईसीआईनेट के जरिए मतदाता सूची से लेकर मतदान तक चुनाव से संबंधित विभिन्न सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत ईसीआईनेट पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल बनाया जाएगा, जिससे देशभर के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों का सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार होगा।
15 लाख स्कूलों और 25 करोड़ छात्रों तक पहुंच की संभावना
देश की व्यापक शैक्षणिक व्यवस्था को देखते हुए ईएलसी 2.0 की पहुंच काफी व्यापक हो सकती है। देश में करीब 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालय और लगभग 70 हजार शैक्षणिक संस्थान हैं, जहां अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र पढ़ते हैं।
पारदर्शी चुनाव व्यवस्था की समझ बढ़ाने पर फोकस
ईएलसी 2.0 के जरिए तथ्यात्मक और व्यावहारिक चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना है। इसका उद्देश्य भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं को सूचित लोकतांत्रिक भागीदारी के दूत के रूप में तैयार करना है।
मतदाता पंजीकरण से मतगणना तक मिलेगी जानकारी
इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी उपलब्ध कराने के मंच के रूप में काम करेंगे। इनमें मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इसके साथ ही ईसीआईनेट ऐप और निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख पहलों के बारे में भी युवाओं को जानकारी दी जाएगी।
