तेल अवीव, 03 सितंबर । इजराइल के रक्षामंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि इजराइल अभी भी फिलिस्तीनियों को गाजा से हटाना चाहता है। इस इलाके से फिलिस्तीनियों को हटाए बिना गाजा समस्या का असली समाधान नहीं होगा। इजराइल अभी भी इस मोर्चे पर लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिर्फ उस योजना को रोका है। इस योजना को मानवाधिकार कार्यकर्ता एथनिक क्लींजिंग (किसी खास नस्ल या समुदाय के लोगों को हटाने या खत्म करने की कार्रवाई) मानते हैं।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, काट्ज ने बुधवार को इजराइल की न्यूज वेबसाइट वाई नेट के विचारोत्तेजक सम्मेलन में गाजा समस्या पर खुलकर चर्चा की। काट्ज ने कहा, ” गाजा से फिलिस्तीनी हट जाएं तो समस्या हल हो जाएगी।” उन्होंने कहा कि ट्रंप अपने पहले कार्यकाल की शुरुआत में इजराइल के इस विचार का समर्थन कर चुके हैं। ट्रंप ने तो एक बार यहां तक कहा कि एक बार फिलिस्तीनियों को हटा दिए जाने के बाद अमेरिका इस इलाके पर कब्जा कर लेगा और उस जमीन का मालिक बन जाएगा।
काट्ज ने कहा कि इजराइल गाजा पर हर तरीके से कब्जा करने के लिए तैयार है, लेकिन मिस्र फिलिस्तीनी शरणार्थियों को लेने से इनकार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विस्थापित फिलिस्तीनियों को स्वीकार करने वाले अन्य देशों को अमेरिकी समर्थन की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से छोड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा, “फिलहाल,ट्रंप ने इसे रद नहीं किया है। उन्होंने इसे स्थगित कर दिया है। काट्ज ने कहा कि इस पर उनसे लगातार चर्चा हो रही है। काट्ज ने यह सभी के लिए अच्छा होगा। इस अभियान में अमेरिका की जरूरत पड़ेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले तीन साल में अमेरिका ने इजराइल को लगभग 25 अरब डॉलर की सैन्य सहायता दी है। उसने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजराइल का बचाव किया है। इसमें गाजा में हुए अत्याचारों की जांच कर रहे इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाना भी शामिल है।
