बेगूसराय, 17 फरवरी केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने आज कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2024 तक दस करोड़ एसएचजी सदस्य बनाने के लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। क्योंकि मंत्रालय नई महिला सखियों को नामांकित करने के लिए सक्रिय मोड पर काम कर रहा है।
दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों के विपणन के लिए बेंगलुरू स्थित फैशनियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाले एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ”मीशो” के साथ मंत्रालय द्वारा एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्होंने यह बातें कही है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि मई 2014 में जब नरेन्द्र मोदी ने कार्यभार संभाला था, तब 2.35 करोड़ एसएचजी सदस्य थे। लेकिन पिछले नौ वर्षों में गरीब ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, एसएचजी सदस्यों की संख्या नौ करोड़ से अधिक हो गई है। 2024 तक सदस्यों की संख्या दस करोड़ तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने कहा है कि एसएचजी को दिए गए कुल ऋण 2014 से पहले लगभग 80 हजार करोड़ रुपये का था। अब यह पिछले नौ वर्षों में 6.25 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। जिसमें केवल 2.08 प्रतिशत का एनपीए है। एनपीए को एक प्रतिशत से भी कम लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह लक्ष्य भी हासिल कर लिया जाएगा।
प्रत्येक महिला लाभार्थी को स्थानीय उत्पादों की बिक्री के माध्यम से प्रति वर्ष कम से कम एक लाख रुपये की बचत करनी चाहिए, जो कि प्रधानमंत्री का विजन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कुछ वर्षों के भीतर वह दस लाख लखपति दीदियों के लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होंगे। वह दिन दूर नहीं जब कुछ लखपति दीदियां करोड़पति दीदियां बन जाएंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर पिच का जिक्र करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि आज एसएचजी के बेहतरीन उत्पादों का विभिन्न देशों को निर्यात भी किया जा रहा है। ई-कॉमर्स प्लेटफार्म तथा अन्य चीजों के माध्यम से उनके विशिष्ट उत्पादों के बारे में स्थानीय और विश्व स्तर पर अधिक से अधिक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
एनआरएलएम ग्रामीण एसएचजी महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों में सहयोग करने के लिए कई प्रयास कर रहा है, जो खाद्य उत्पादों, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद आदि के उत्पादन में लगी हुई हैं। उत्पादकों को बाजारों से जोड़ने के प्रयासों के तहत, एनआरएलएम और एसआरएलएम ने सरस गैलरी, राज्य विशिष्ट खुदरा दुकानों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे जीईएम, फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसे कई चैनलों के माध्यम से एसएचजी और एसएचजी सदस्य उद्यमियों के क्यूरेटेड उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाएं।
गिरिराज सिंह ने मंत्रालय के अधिकारियों से कहा है कि मीशो के साथ समझौता ज्ञापन महज कागज पर नहीं रहना चाहिए और वह हर तिमाही में इसकी समीक्षा करेंगे। वे मीशो टीम के साथ बैठक करें और उन क्षेत्रों एवं उत्पादों की पहचान करें, जिन्हें फायदे के प्रस्ताव पर लिया जा सकता है। पीआईबी द्वारा जारी विज्ञप्ति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम का डिटेल भी दिया गया है।
