उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नीतियां बनाते समय जमीनी हकीकत को समझना जरूरी है। वे आज नई दिल्ली में पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन-2026 को संबोधित कर रहे थे। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि नीतियां बदलती परिस्थितियों के अनुरूप होनी चाहिए और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत में जारी आर्थिक सुधार देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और आम सहमति बनाने की प्रक्रिया पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती को सामाजिक मजबूती से अलग करके नहीं देखा जा सकता। विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों और देश के हर क्षेत्र तक पहुंचना चाहिए।
