नई दिल्ली, 18 फरवरी उत्तर भारत का पहला परमाणु ऊर्जा संयत्र संयंत्र दिल्ली से लगभग 150 किमी उत्तर में हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गांव में स्थापित किया जाएगा।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पहले परमाणु ऊर्जा संयत्र ज्यादातर दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश या पश्चिम में महाराष्ट्र तक ही सीमित थे। उन्होंने कहा कि यह भारत की परमाणु क्षमता बढ़ाने की प्राथमिकता के अनुरूप है। मोदी सरकार द्वारा 10 परमाणु रिएक्टरों की स्थापना के लिए एक बड़ी मंजूरी दी गई है।
मंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा विभाग को परमाणु ऊर्जा संयंत्र खोलने से जुड़े संसाधन जुटाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों के साथ संयुक्त उद्यम बनाने की अनुमति दी गई है। इसमें भारत की सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है।
गोरखपुर हरियाणा अनु विद्युत परियोजना (जीएचएवीपी) 700 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इनमें से प्रत्येक में प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर स्वदेशी डिजाइन है। अब तक कुल आवंटित धनराशि 20,594 करोड़ में से 4,906 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।
