जगदलपुर, 05 अक्टूबर । रियासत कालीन बस्तर दशहरा पर्व की तैयारियों को लेकर साेमवार को स्थानीय मावली मंदिर प्रांगण में सिरहा-गुनिया पुजारी समिति की बैठक कुमार जयदेव के नेतृत्व में आयोजित की गई । जिसमें बस्तर संभागभर से दशहरा पर्व में शामिल होने वाले सिरहा-गुनिया एवं पुजारियों के भोजन, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई । कुमार जयदेव ने बस्तर दशहरा के दौरान आने वाले सिरहा-गुनिया एवं पुजारियों के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की गई।
वर्तमान में पूरे बस्तर संभाग में सिरहा-गुनिया पुजारी समिति से लगभग 300 सदस्य जुड़े हुए हैं। समिति के ये सदस्य बस्तर की पारंपरिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्थाओं से जुड़े हुए हैं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बस्तर दशहरा पर्व के दौरान विभिन्न स्थानों पर आने वाले सिरहा-गुनिया एवं पुजारियों की व्यवस्थाओं में भी समिति केे सदस्य महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगें।
बैठक में कुमार जयदेव ने समिति के सदस्यों से कहा कि बस्तर दशहरा पर्व के दौरान जहां-जहां देवसराय में सिरहा-गुनिया और पुजारी ठहरते हैं, वहां समिति के सदस्य शासन-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करें। विशेष रूप से भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर नजर रखी जाए, ताकि बाहर से आने वाले देवी-देवताओं के सेवकों और पुजारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने शासन-प्रशासन से भी इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
कुमार जयदेव ने पुलिस प्रशासन से भी दशहरा पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे देश दुनिया पहुंचते हैं। उन्हाेने कहा कि इस वर्ष महामहिम राष्ट्रपति का कार्यक्रम भी निर्धारित है, ऐसे में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस के बेहतर समन्वय से ऐसा वातावरण बनाया जाए, जिसमें श्रद्धालु बस्तर दशहरा की परंपरा, गरिमा और धार्मिक भावनाओं के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से मना सकें।
