काठमांडू, 05 अक्टूबर । नेपाल सरकार ने भोटेकोशी–त्रिशूली बाढ़ के बाद जारी खोज एवं बचाव अभियान को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, अत्यावश्यक खोज कार्य जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की अध्यक्षता में आज प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में हुई राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन परिषद की 21वीं बैठक में संबंधित निकायों को अत्यावश्यक खोज कार्य के साथ-साथ पुनर्निर्माण और पुनर्स्थापना का काम तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
यह निर्णय जिला सुरक्षा समिति, जिला आपदा प्रबंधन समिति, राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की सिफारिशों और मौके पर किए गए निरीक्षण के आधार पर लिया गया।
बैठक में प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और पुनर्स्थापना के लिए विभिन्न मंत्रालयों एवं निकायों से प्राप्त 504 योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए 5 खर्ब 59 अरब 17 करोड़ 72 लाख 27 हजार नेपाली रुपये के बजट की स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय को सिफारिश भेजने का निर्णय लिया गया।
आर्थिक कार्यविधि तथा वित्तीय उत्तरदायित्व नियमावली, 2077 के तहत स्वीकृत इन योजनाओं के लिए वित्त मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। जिन परियोजनाओं की लागत का अनुमान अभी तय नहीं हुआ है या जिनका प्राथमिकता निर्धारण बाकी है, उनकी जानकारी मिलने के बाद आवश्यक बजट व्यवस्था के लिए वित्त मंत्रालय को सिफारिश करने का निर्देश राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण को दिया गया है।
बैठक में प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि आपदा प्रबंधन का काम संघीय, प्रांतीय और स्थानीय सरकारों के समन्वय से किया जा रहा है और अब पुनर्निर्माण एवं पुनर्स्थापना का काम भी इसी समन्वय के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इस कार्य में विपक्षी दल, नेपाली कांग्रेस के संसदीय दल के नेता तथा बागमती, गंडकी, मधेश और कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
परिषद ने भोटेकोशी–त्रिशूली बाढ़ तथा मानसून से संबंधित आपदाओं में हुई जन-धन की क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।
साथ ही, कठिन परिस्थितियों में खोज, बचाव, राहत और पुनर्स्थापना कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मियों, जनप्रतिनिधियों, राष्ट्रसेवकों, निजी क्षेत्र, स्वयंसेवकों और पत्रकारों के साथ-साथ सहयोग करने वाले दाता देशों और विकास साझेदारों के प्रति परिषद ने आभार व्यक्त किया।
