October 12, 2026

Blog

Spread the love

गंगटोक, 12 अक्टूबर । सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष मंत्रिमंडल बैठक आयोजित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री तमांग ने आज सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के साथ शुरू हुई प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर साेमवार सुबह मंत्रिमंडल की विशेष बैठक आयोजित की गई।

मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व यात्रा की सराहना करते हुए राष्ट्र निर्माण, समावेशी विकास, सुशासन तथा समृद्ध, आत्मनिर्भर और विश्व में सम्मानित भारत के निर्माण के उनके दृष्टिकोण के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष जनता की आकांक्षाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और चुनौतियों को राष्ट्रीय प्रगति के अवसरों में बदलने के उनके संकल्प का प्रमाण हैं।

मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के मूलमंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की विशेष रूप से सराहना की। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह मूलमंत्र सामूहिक भागीदारी, समावेशी विकास, जनविश्वास और साझा जिम्मेदारी के सिद्धांतों को समाहित करता है। इसी तरह, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और एकीकरण को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।

मंत्रिमंडल ने पूर्वोत्तर भारत के विकास को लेकर प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास, संपर्क सुविधाओं, निवेश, पर्यटन और क्षेत्रीय सहयोग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में वर्णित करने का प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, रणनीतिक महत्व और आर्थिक संभावनाओं को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री तमांग ने सिक्किम सरकार की ओर से राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए जा रहे सहयोग, प्रोत्साहन और निरंतर प्रतिबद्धता के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की उपस्थिति को राज्य की जनता के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताते हुए उनके स्नेह और सहयोग के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी, विनाशकारी तीस्ता बाढ़, भूकंप, भूस्खलन तथा अन्य संकटपूर्ण परिस्थितियों के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सहयोग को याद करते हुए कहा कि सिक्किम सरकार इसके लिए सदैव आभारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और दृष्टिकोण ने सिक्किम में सतत विकास, संपर्क सुविधाओं में सुधार, पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा तथा लोगों की आजीविका के अवसरों के विस्तार संबंधी राज्य की आकांक्षाओं को मजबूती प्रदान की है।

मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने राज्यों को अपनी विशिष्ट पहचान, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय संपदा का संरक्षण करते हुए राष्ट्रीय विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्किम जैसे हिमालयी राज्य के लिए यह दृष्टिकोण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि विकास के साथ पर्यावरणीय स्थिरता, आपदा से निपटने की क्षमता और स्थानीय समुदायों के कल्याण को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।

मंत्रिमंडल की बैठक में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार के साथ घनिष्ठ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। इसके साथ ही समृद्ध, प्रगतिशील और आत्मनिर्भर सिक्किम के निर्माण की राज्य की अपनी आकांक्षा को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की गई।

मंत्रिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के निरंतर मार्गदर्शन में पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत के विकास और परिवर्तन के प्रमुख वाहक के रूप में और अधिक मजबूत होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व, राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारत की विकास यात्रा में उनके स्थायी योगदान के लिए गहरा आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री तमांग ने कहा कि सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे करना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व, जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय परिवर्तन की उल्लेखनीय यात्रा को सम्मानित करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा लाखों लोगों को प्रेरित करती है और एक मजबूत, समावेशी तथा समृद्ध भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प को और सुदृढ़ बनाती है।