मेरा युवा भारत (एमवाई भारत) ने अपने नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान के पांचवें सप्ताह के तहत 17 अक्टूबर को सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,174 कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 3,43,288 युवा और नागरिक शामिल हुए।
युवा मामले और खेल मंत्रालय के अनुसार, इन कार्यक्रमों में स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने और मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए योग, ध्यान और सामुदायिक चर्चाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
“नशा मुक्त युवा के लिए योग और ध्यान” और “विकसित भारत पर चर्चा के लिए नशा मुक्त युवा” थीम के तहत आयोजित ये कार्यक्रम चल रहे 100-सप्ताह के अभियान का हिस्सा बने।
प्रतिभागियों ने नशामुक्त युवा संकल्प लिया और योग एवं ध्यान सत्रों, जागरूकता चर्चाओं और अन्य युवा सहभागिता गतिविधियों में भाग लिया। पड़ोस युवा संसद की चर्चाओं ने युवाओं को नशामुक्त भारत के निर्माण पर अपने विचार साझा करने का मंच प्रदान किया।
यह पहल आध्यात्मिक संगठनों, विश्वविद्यालय संघों और उद्योग निकायों के सहयोग से आयोजित की गई थी। इसमें हार्टफुलनेस, प्रोजेक्ट प्वाइंट, सीआईपीयू, एसोचैम, फिक्की, सीआईआई और ब्रह्मा कुमारिस जैसे भागीदार शामिल थे।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि कार्यक्रमों के अंतर्गत कुल 3,380 गतिविधियां आयोजित की गईं, जबकि 3,43,288 प्रतिज्ञाएं ली गईं।
इस अभियान का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना है। एमवाई भारत ने कहा कि वह स्वस्थ और नशामुक्त समुदायों के समर्थन में 100 सप्ताह की इस पहल के माध्यम से युवाओं और सहयोगी संगठनों को एकजुट करना जारी रखेगा।
