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कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से एक व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली प्रोग्रामिंग भाषा में गंभीर सुरक्षा खामी का पता चलने के बाद यूरोप समेत कई क्षेत्रों में सरकारी वेबसाइटों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। नीदरलैंड, फ्रांस, डेनमार्क और फिनलैंड में सरकारी एजेंसियों ने अपने सिस्टम की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खामी का समाधान सार्वजनिक होने के बाद हैकर इसका फायदा उठाने की कोशिश तेज कर सकते हैं।
वेबसाइट बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रोग्रामिंग भाषा PHP के डेवलपर्स ने बुधवार को सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए तत्काल नए अपडेट जारी किए। डेवलपर्स ने सभी उपयोगकर्ताओं से जल्द से जल्द अपने सिस्टम अपडेट करने की अपील की। कई तकनीकी कंपनियों ने चेतावनी दी कि कुछ हैकर पहले ही इन खामियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, अब जब खामी का समाधान सार्वजनिक हो चुका है और एआई की मदद से इसका तकनीकी विश्लेषण करना आसान हो गया है, तो कमजोर सिस्टम पर हमलों की आशंका बढ़ गई है। साइबर सुरक्षा अनुसंधान और घटना प्रतिक्रिया कंपनी टीएलपी:ब्लैक के सह-संस्थापक कोस्टिन राइयू ने इसे खामी का फायदा उठाने की होड़ बताया। उन्होंने आशंका जताई कि अगला चरण इंटरनेट पर मौजूद कमजोर वेब सर्वरों पर बड़े पैमाने पर हमलों का हो सकता है।
PHP का इस्तेमाल इंटरनेट पर बड़ी संख्या में वेबसाइटों को चलाने के लिए किया जाता है। यह भाषा 1990 के दशक की शुरुआत में विकसित हुई थी और वर्डप्रेस, ड्रूपल, जूमला तथा मैजेंटो जैसे प्लेटफॉर्म पर आधारित वेबसाइटों में भी इसका उपयोग होता है। ऐसे में इसकी सुरक्षा में गंभीर खामी सामने आने से बड़ी संख्या में वेबसाइटें प्रभावित हो सकती हैं।
ड्रूपल एसोसिएशन की अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिफनी फैरिस ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में जारी PHP के विभिन्न संस्करणों का इस्तेमाल करने वाले सर्वर इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह खामी इंटरनेट के बड़े हिस्से को प्रभावित करती है।
इंटरनेट इंटेलिजेंस कंपनी सेंसिस के आंकड़ों के अनुसार, कुल 26 लाख होस्ट में से करीब 15 लाख ऐसे PHP संस्करण चला रहे हैं, जिनके लिए उस समय तक सुरक्षा समाधान उपलब्ध नहीं था। दुनिया भर की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने उपयोगकर्ताओं को तत्काल अपडेट करने या पैच लागू होने तक वेबसाइटें बंद रखने की सलाह दी है।
नीदरलैंड की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने भी एहतियात के तौर पर अपनी वेबसाइट बंद कर दी। ऑनलाइन विश्वकोश विकिपीडिया का संचालन करने वाले संगठन ने बताया कि उसने सुरक्षित अपडेट लागू होने तक कुछ सिस्टम बंद किए हैं। ऑनलाइन डिजिटल लाइब्रेरी इंटरनेट आर्काइव ने भी इस समस्या से निपटने के लिए अपनी सेवाएं कुछ समय के लिए बंद कीं।
नीदरलैंड में रॉटरडैम बंदरगाह, सरकारी पोर्टल Overheid.nl, देश के राष्ट्रीय फुटबॉल संघ केएनवीबी, पांच सबसे बड़े राजनीतिक दलों की वेबसाइटों और कई अस्पतालों की वेबसाइटों को भी अस्थायी रूप से ऑफलाइन किया गया। डेनमार्क की नगर निकायों को आईटी सेवाएं देने वाली कंपनी कोम्बिट ने राष्ट्रीय स्कूल संचार मंच सहित कई सेवाएं बंद कर दीं।
फिनलैंड में भी व्यापक स्तर पर सेवाएं प्रभावित हुईं। सरकारी आईटी सेवा प्रदाता वाल्टोरी ने एहतियात के तौर पर सरकारी सार्वजनिक नेटवर्क सेवाओं को ऑफलाइन कर दिया। फ्रांस के गृह मंत्रालय ने अपनी सभी वेबसाइटों को एहतियाती रखरखाव के तहत डाल दिया।
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर वेबसाइट संचालकों से यह जांचने की अपील की कि उनकी वेबसाइट PHP का इस्तेमाल करती है या नहीं। उन्होंने नए सुरक्षा अपडेट को लागू करने की तैयारी करने को कहा। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।
साइबर सुरक्षा कंपनियों की रिपोर्ट के अनुसार, इस खामी का पता एआई की मदद से लगाया गया। कैलिफ नाम की कंपनी ने बताया कि उसने एक बड़े भाषा मॉडल की सहायता से 1 अगस्त को खामी खोजी थी और तब से इसके समाधान पर काम कर रही थी।
वहीं, साइबर सुरक्षा कंपनी विज ने कहा कि उसने अपने एआई आधारित सुरक्षा शोध उपकरण विज एटलस के साथ गूगल के जेमिनी 4 आर्गन और ओपनएआई के जीपीटी-5.6 सोल की मदद से इस खामी का पता लगाया। कंपनी के अनुसार, यह खामी PHP के कोड में एक दशक से अधिक समय तक छिपी रही। इसे पारंपरिक तरीकों से खोजने और इसका फायदा उठाने की प्रक्रिया किसी मानव हैकर के लिए बेहद जटिल होती।
विज और कैल ने कहा कि उन्होंने खामी का पता चलने के बाद एक-दूसरे, PHP की विकास टीम और ओपनएआई के साथ समन्वय किया। व्हाइट हाउस ने भी एक बयान में कहा कि उसे शुक्रवार को इस खामी की जानकारी दी गई थी।
अमेजन के सुरक्षा प्रमुख सीजे मोसेस ने बुधवार देर रात एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि कंपनी की सुरक्षा टीम ने 17 अक्टूबर को अपने एक परीक्षण सिस्टम पर इस खामी का फायदा उठाने की कोशिश का पता लगाया था। यह घटना खामी के सार्वजनिक होने से चार दिन पहले हुई थी। उनके मुताबिक, प्रयास एक अज्ञात इंटरनेट पते से किया गया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि संबंधित हमलावर को गोपनीयता अवधि के दौरान खामी की जानकारी कैसे मिली।
अमेजन ने बताया कि सार्वजनिक खुलासे से पहले भी कई प्रयास हुए थे। कंपनी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि इन प्रयासों से वास्तविक वेबसाइटों पर सफल हमला हो सकता था या नहीं, लेकिन अब इन खामियों का वास्तविक इंटरनेट वातावरण में व्यापक स्तर पर फायदा उठाया जा रहा है।
वेब प्रौद्योगिकी पर नजर रखने वाली कंपनी डब्ल्यू3टेक्स के अनुसार, जिन वेबसाइटों की प्रोग्रामिंग भाषा की पहचान की जा सकती है, उनमें से करीब 75 प्रतिशत PHP का इस्तेमाल करती हैं। किंग्स कॉलेज लंदन के विजिटिंग सीनियर रिसर्च फेलो लुकास ओलेजनिक ने कहा कि एआई की मदद से ऐसी कमजोरियों का फायदा बेहद तेजी से उठाया जा सकता है।
हालांकि, ऑटोमैटिक कंपनी ने कहा कि उसके होस्टेड समाधानों और टम्बलर का इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ता इस खामी से सुरक्षित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, उन छोटी वेबसाइटों के लिए जोखिम अधिक हो सकता है, जिन्हें व्यक्ति या सीमित तकनीकी संसाधनों वाले संगठन साझा होस्टिंग सेवाओं पर चलाते हैं।
