नई दिल्ली, 23 अक्टूबर। अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों के विकास, निर्माण और बिक्री का काम करने वाली और सुप्राफ्लेक्स क्रूज, कोकून व हाइड्रा जैसे प्रमुख ब्रांड्स के जरिये मेडिकल सेक्टर में तकनीकी सेवाएं देने वाली कंपनी सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के शेयरों ने शुक्रवार को स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 344 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग लगभग 7 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 368.05 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग लगभग 8 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 371.15 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से यह शेयर कुछ ही पलों में उछल कर 409.95 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद बाजार में हुई मुनाफावसूली के कारण यह नीचे 346.65 रुपये के स्तर पर भी आया। बाजार में लगातार जारी खरीद-बिक्री के बीच दोपहर 12:15 बजे बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 372.70 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 28.40 रुपये यानी 8.26 प्रतिशत के फायदे में थे।
इस कंपनी का 475.48 करोड़ रुपये का आईपीओ 15 से 19 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण यह ओवरऑल 10.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 34.68 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 14.61 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.97 गुना और कंपनी के कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्सा 0.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,38,22,116 शेयर जारी किए गए हैं। यह पूरा का पूरा आईपीओ 100 प्रतिशत ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के जरिये लाया गया था, जिसके तहत प्रमोटर्स और अन्य शेयर होल्डर्स ने अपनी हिस्सेदारी बेची है। इस प्रकार कंपनी को इस पब्लिक इश्यू से कोई सीधी फंडिंग प्राप्त नहीं होगी और यह पूरी राशि बेचने वाले प्रमोटर्स और पुराने शेयरहोल्डर्स के पास जाएगी।
सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 7.35 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में सुधरकर 25.15 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ 175 प्रतिशत उछलकर 69.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 15.09 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 908.59 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 18 प्रतिशत की बढ़त के साथ बढ़कर 1,035.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में और इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर 1,218.73 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 354.33 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 175.27 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 224.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़कर 269.53 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 320.63 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।
कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीस लिमिटेड की कुल संपत्ति 970.58 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,094.90 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर 1,276.43 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत (30 जून 2026) में कंपनी की कुल संपत्ति 1,309 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 556.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 580.71 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़कर 692.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 706.86 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार इजाफा हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 526.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 545.23 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़कर 616.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ 631.72 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 110.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 128.02 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछलकर 170.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 48.58 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
