रायगढ़, 23 अक्टूबर ।छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर गुरुवार रात संदिग्ध गतिविधि सामने आने से हड़कंप मच गया। वेबसाइट खोलने पर पाकिस्तान के झंडे जैसा प्रतीक दिखाई देने लगा। साथ ही स्क्रीन पर ‘Hacked By OVERTHRASH 1337’ लिखा नजर आया। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों ने वेबसाइट की जांच कराई। कुछ ही घंटों में वेबसाइट को रिस्टोर कर दोबारा चालू कर दिया गया।नक्शे देखें
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट खोलने पर सामान्य पेज और कार्यक्रमों की जानकारी दिखाई नहीं दे रही थी। इसके बजाय स्क्रीन पर पाकिस्तान के झंडे जैसा प्रतीक और ‘Hacked By OVERTHRASH 1337’ संदेश नजर आ रहा था। वेबसाइट पर सामान्य कार्यक्रम भी नहीं खुल रहे थे। इस स्थिति की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने तकनीकी स्तर पर इसकी जांच शुरू कराई। मामले की सूचना पुलिस को भी दिए जाने की बात सामने आई है।
घटना के बाद नगर निगम के होस्ट और तकनीकी टीम ने वेबसाइट की जांच की। इसके बाद सिस्टम को रिस्टोर करने की प्रक्रिया अपनाई गई। कुछ समय बाद वेबसाइट फिर से सामान्य रूप से काम करने लगी।
नगर निगम के प्रोग्रामर के अनुसार, शुरुआती तौर पर इसे सीधे हैकिंग का मामला कहना उचित नहीं है। वेबसाइट में वायरस या किसी तरह की छेड़छाड़ की आशंका जताई गई है। हालांकि, तकनीकी जांच के विस्तृत निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम के आयुक्त बृजेश कुमार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत पूरे घटनाक्रम की सूचना जिला पुलिस प्रशासन और साइबर सेल को दी, ताकि इस सुरक्षा चूक की जांच की जा सके और दोषियों का पता लगाया जा सके।
निगम की तकनीकी टीम और साइबर एक्सपर्ट्स ने शुरुआती जानकारी में बताया कि यह ‘वेब डिफेसमेंट’ का मामला है, जिसमें हैकर्स ने अनाधिकृत रूप से पोर्टल में सेंध लगाकर होमपेज का हुलिया बदल दिया था। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए आपत्तिजनक सिंबल को हटाकर वेबसाइट को सुरक्षित रूप से रिस्टोर कर दिया।
सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीमों ने बताया है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है। अधिकारी इस बात की विस्तृत तकनीकी जांच कर रहे हैं कि क्या यह कोई सीधा साइबर हमला था या किसी वायरस अथवा सर्वर की कमजोरी का फायदा उठाकर पोर्टल से छेड़छाड़ की गई थी।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी नागरिक का डेटा चोरी होने या सरकारी रिकॉर्ड लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक प्रकृति और कारणों को लेकर तकनीकी जांच के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है।
