नई दिल्ली, 04 नवंबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट और एक्सपो के सोलर प्लेनरी सत्र में दिल्ली की सोलर नीति, स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार के प्रयासों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में देश स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दिशा में दिल्ली सरकार भी केंद्र सरकार के साथ कदमताल करते हुए राजधानी को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। दिल्ली सरकार इस संकल्प को आगे बढ़ाते हुए लोगों को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। दिल्ली में तीन किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम मुफ्त लगाए जा रहे हैं, जबकि अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर 1.56 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। दिल्ली में अब तक लगभग एक लाख लोगों ने सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए पंजीकरण कराया है, जो स्वच्छ ऊर्जा के प्रति बढ़ते जनविश्वास और जागरूकता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का राजधानी की हर छत स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत बनाने और दिल्ली सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करने का लक्ष्य है। भारत जिस गति से क्लीन एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ रहा है, दिल्ली भी उसी कदमताल के साथ इस परिवर्तन का हिस्सा बनेगी। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के अनेक प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और उद्योग जगत के लोगों का एक मंच पर आना स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया एक-दूसरे का हाथ थामकर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। दिल्ली सरकार स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
