इस्लामाबाद, पाकिस्तान की अदालत ने सोमवार को गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी सेना के सेवानिवृत्त जनरल अमजद शोएब को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। उन पर आरोप था कि वे देश की जनता को राष्ट्रीय संस्थानों के खिलाफ भडक़ाने का काम कर रहे थे। गुरूवार देर शाम अदालत द्वारा जारी आदेश में कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अमजद शोएब को इस्लामाबाद पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। उसी दिन एक अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
रिमांड अवधि पूरी होने पर शोएब को जिला एवं सत्र अदालत के समक्ष पेश किया गया। उनके वकील मियां अशफाक ने मामले को फर्जी करार देते हुए दलील दी कि आरोपी ने टीवी पर बहस के दौरान किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया। वकील ने आगे कहा कि टीवी कार्यक्रम देर रात 11 बजे समाप्त हो गया था और अगले दिन कोई भी सैन्यकर्मी या सरकारी अधिकारी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आया।
अपने बयान को स्पष्ट करने के लिए अदालत की ओर से पूछे जाने पर शोएब ने कहा कि वह इतिहास के संदर्भ में बात कर रहे थे, न कि लोगों को विद्रोह के लिए उकसा रहे थे।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने शोएब के खिलाफ आरोप खारिज करते हुए उन्हें तत्काल पुलिस हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया।
