भिन्न-भिन्न संस्कृतियों के कार्यक्रम भावनात्मक एकता को करते हैं मजबूत: मुख्यमंत्री चौहान
भोपाल,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक भारत-श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम और विचार अद्भुत है। इससे देश में भावनात्मक एकता मजबूत हो रही है। एक राज्य दूसरे राज्य की परम्पराओं, जीवन-मूल्यों और संस्कृति को समझ रहा है और राज्य परस्पर निकट आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में विभिन्न राज्यों की अलग-अलग संस्कृतियों को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक उत्सव करने की पहल की जाएगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने रविवार देर शाम मणिपुर की राजधानी इंफाल में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मणिपुर पहुँचकर यह देखा कि यहाँ संगाई महोत्सव में अलग-अलग राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे और मणिपुर की जनता उन सभी कलाकारों को दिल से सराह रही थी। विशाल जन-समूह एकत्रित था। कला प्रेमियों में राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के लिए जुनून था। मध्यप्रदेश के कलाकारों ने भी अपनी कला का यहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर की जनता से मिला स्नेह और आदर याद रहेगा। उन्होंने मणिपुर की जनता और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री चौहान ने मणिपुर की जनता को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया, जिससे मध्यप्रदेश में अंतर्राज्यीय सांस्कृतिक उत्सव कार्यक्रम करते हुए इस परम्परा को स्थापित किया जा सके। ऐसे कार्यक्रम देश में एकात्मता के भाव को बढ़ाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब भारत माता के लाल हैं, भेदभाव का कहाँ सवाल है। अलग भाषा और अलग प्रदेश है फिर भी अपना एक देश है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मणिपुर आकर मुझे बहुत अच्छा लगा। मध्यप्रदेश के कलाकारों ने भी यहां अपनी कला का प्रदर्शन किया। मणिपुर की जनता ने जो प्यार और आशीर्वाद दिया उसके लिए मैं मणिपुर की जनता और विशेष रुप से मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का हृदय से आभार प्रकट करता हूं। मैंने मणिपुर को मध्यप्रदेश में आमंत्रित किया है, ताकि वहां भी इस कार्यक्रम को संपन्न करें और देश के एकात्मता के भाव को और बढ़ाएं।
उन्होंने कहा-हम सब भारत मां के लाल, भेदभाव का कहा सवाल। अलग भाषा अलग देश, फिर भी अपना एक देश। मणिपुर के बहनों-भाइयों आप सब सुखी हों,निरोग हों,सबका मंगल हो और मणिपुर विकास के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ता रहे, यही शुभकामनाएं मध्यप्रदेश से लाया हूं।
