भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 25 लोगों ने गवाही दी है। इनमें पीड़ित पहलवान, अंतर्राष्ट्रीय पहलवान बजरंग पूनिया, एक पहलवान की दो बहनें, कोच, रेफरी और रोहतक स्थित महावीर अखाड़े के लोग शामिल हैं। महावीर अखाड़े के सभी लोगों ने बृजभूषण के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारिक सूत्र ने इसकी पुष्टि की है। दिल्ली पुलिस अब बुधवार को इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। नाबालिग पहलवान की ओर से दर्ज कराए गए पोक्सो के मामले को बंद करवाने की तैयारी है।
पीड़ित नाबालिग ने डब्ल्यूएफआई पर लगाए गए अपने आरोपों को वापस ले लिया। इस मामले में पुलिस बृहस्पतिवार को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करेगी। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस को पीडि़त दो पहलवानों और डब्ल्यूएफआई ने सिर्फ फोटो उपलब्ध कराए गए हैं। इन फोटों की संख्या कई सौ है।
सभी फोटो की जांच कर ली गई है। इनमें कोई आपत्तिजनक बात सामने नहीं आ रही है और सिर्फ आरोपी की उपस्थिति दिख रही है। जांच में किसी तरह की वीडियो नहीं मिली है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वीडियो न तो पीडि़त पहलवानों ने उपलब्ध कराई है और न ही डब्ल्यूएफआई ने दी है। एक वरिष्ठ पुलिस सूत्र ने बताया कि दिल्ली पुलिस के पास आरोपी बृजभूषण के खिलाफ सिर्फ पीडि़त महिला पहलवानों के बयान, 25 लोगों की गवाही और फोटो हैं। ऐसे में पुलिस चार्जशीट कम स्टेट्स रिपोर्ट कोर्ट में जमा कराएगी।
यूपी में आरोपी के खिलाफ किसी ने नहीं दी गवाही
अमर उजाला
