मुंबई, एएनआइ। पिछले कुछ वर्षों में बृहन्मुंबई महानगरपालिका में 12,024 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को एक विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया। इस दल में मुंबई पुलिस के संयुक्त आयुक्त और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
कैग की रिपोर्ट के बाद की महाराष्ट्र सरकार ने की कार्रवाई
महाराष्ट्र सरकार ने यह कार्रवाई नियंत्रक एवं महालेखा नियंत्रक (कैग) की रिपोर्ट के बाद की है, जिसने नवंबर, 2019 से अक्टूबर, 2022 के बीच बीएमसी में 12,024 करोड़ के खर्चों में अनियमितता इंगित की थी। भाजपा विधायक अमित सातम ने भी मामले की एसआइटी से जांच कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को औपचारिक शिकायत दी थी।
देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में पेश की थी रिपोर्ट
इससे पहले मार्च में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की कैग रिपोर्ट महाराष्ट्र विधानसभा में पेश की थी। इस रिपोर्ट में कई अनियमितताओं का उल्लेख था। फडणवीस का आरोप था, ‘महानगरपालिका का प्रशासन पूरी तरह अपारदर्शी और भ्रष्ट था। यह रिपोर्ट सिर्फ 12 हजार करोड़ रुपये का काम के बारे में है, लेकिन पूरा काम और चौंकाने वाली चीजें उजागर करेगा।’
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान अनियमितताओं के अलावा जांच में यह भी पाया गया कि दो अलग-अलग विभागों में 20 कार्य बिना निविदा के प्रदान किए गए थे।
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