उत्तरप्रदेश :- एएमयू के पूर्व छात्र सौरभ उर्फ अब्दुल्ला की गाजियाबाद में धर्मातरण रैकेट सरगना के रूप में हुई गिरफ्तारी के बाद एएमयू एजेंसियों के रडार पर है। अलग अलग टीमों ने यहां डेरा डाल रखा है और अंदरखाने हर पहलू पर जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार इसी कड़ी में अब तक जो सामने आया है, उससे साफ हो रहा है कि पूर्व में हुए धर्मांतरणों के कुछ सुराग मिले हैं। मगर ताजा कोई तथ्य नहीं मिला है। पुराने घटनाक्रमों को लेकर एजेंसियां कुछ लोगों से पूछताछ करने की तैयारी में भी है।
गाजियाबाद रैकेट के पकड़े जाने के बाद एएमयू प्रशासन ने जरूर यह साफ किया कि कैंपस में कोई धर्मांतरण नहीं हुआ। जो कुछ हुआ कैंपस के बाहर हुआ होगा, क्योंकि सौरभ जिस नाम से दाखिल हुआ, उसी नाम से वापस घर गया। इसके बाद एएमयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर व उनके आगरा में तैनात प्रोफेसर बेटे का नाम सामने आया। इसके बाद एजेंसियों ने यहां डेरा डाल रखा है। गोपनीय ढंग से सभी जांच चल रही है। पिछले कई सालों के रिकार्ड से लेकर अन्य तमाम गतिविधियों पर काम किया जा रहा है।
हालांकि कोई अधिकारिक रूप से कुछ नहीं बता रहा। मगर जानकारी मिल रही है कि टीमों को पूर्व में हुए धर्मांतरण को लेकर कुछ अहम सुराग मिले हैं। ताजा किसी तरह की गतिविधि के साक्ष्य अभी तक नहीं मिल रहे हैं। इसमें एएमयू के साथ साथ यूपी के अन्य जिलों से भी तार जुड़े हैं। अभी इनमें से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है। इस पर जिला पुलिस बस इतना ही कहती है कि नजर रखे हुए हैं। जो भी मदद मांगी जाएगी दी जाएगी।
अमर उजाला
