नई दिल्ली: मणिपुर हिंसा को लेकर आज भी संसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी है. इस बीच आज लोकसभा में विपक्षी दलों ने फिर हंगामा किया. जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. इस मुद्दे को लेकर कल भी संसद में तेज बहस हुई. इस दौरान लोकसभा और राज्यसभी की कार्यवाही स्थगित हो गई थी.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
1. कल संसद में हंगामे की वजह से मणिपुर हिंसा और केंद्र के अध्यादेश पर चर्चा नहीं हो पाई. आज जब संसद में कार्यवाही शुरू हुई को फिर तेज हंगामा हुआ. आज फिर मणिपुर हिंसा और केंद्र सरकार के अध्यादेश को लेकर बहस देखने को मिल रही है.
2. आम आदमी पार्टी और केंद्र के बीच इसको लेकर विवाद काफी बढ़ गया है. इस अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) को कई दलों का समर्थन मिला है. हाल ही में कांग्रेस ने इस अध्यादेश के खिलाफ समर्थन देने की घोषणा की.3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसून सत्र शुरू होने से पहले मणिपुर के वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मणिपुर में जो हुआ है वो बेहद शर्मनाक है. इस घटना को लेकर मैं आपको आश्वासन देता हूं कि जो भी दोषी हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी.
4. इस घटना के 77 दिनों तक एक्शन नहीं होने के कारण राज्य सरकार की फजीहत हो रही है. कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने संसद में सरकार पर हमला बोला.
5. मणिपुर के मामले पर संसद के दोनों सदनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान और चर्चा की मांग करते हुए कई विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों में कार्य स्थगन के नोटिस दिए. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी, मणिकम टैगोर और कुछ अन्य विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को कार्य स्थगन के नोटिस दिए.
6. लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी ने सदन में चर्चा की मांग करते हुए कहा कि सरकार को वहां की स्थिति के बारे में जानकारी देने के साथ ही यह भी बताना चाहिए कि शांति बहाली के लिए क्या उपाय किये गए और किस तरह की नीतियां अमल में लाई गईं
7. संसदीय कार्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष जान बूझकर चर्चा नही चाहता है. वह अपना स्टैंड बार बार बदल रहा है नियमों का हवाला दे रहा है. इस पर गृह मंत्री जवाब देंगे.
8. मणिपुर में महिलाओं को नग्न घुमाने का वीडियो वायरल होने के बाद देश सदमे और गुस्से में है. इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले से चीफ जस्टिस काफी आहत हैं और उन्होंने स्वयं इस मामले पर संज्ञान लिया है.
9. सोशल मीडिया पर कांग्रेस समेत कई लोगों ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन पर भारी विफलता का आरोप लगाते उन्हें को हटाने की मांग की है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि एन बीरेन मणिपुर के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. सरकारी सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री बदलने पर कोई चर्चा नहीं है, बल्कि प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कानून व्यवस्था नियंत्रण में रहे.
10. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन ने कहा, “मैं अपील करना चाहता हूं कि महिलाओं, बहनों और बुजुर्गों के खिलाफ यह आखिरी अपराध होना चाहिए। हमें अपनी बहनों, माताओं और बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए.”
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