दिल्ली :- मध्य जिले के एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड (एएटीएस) में तैनात इंस्पेक्टर, एसआई और एएसआई को उगाही के आरोप में निलंबित किया गया है। शुक्रवार को जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने यह आदेश जारी किया। दरअसल, बुधवार को मध्य जिला पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों की गिरफ्तार किया था। दावा किया गया था कि इंजन और चेसिस नंबर बदलकर दिल्ली-एनसीआर से चुराईं कारों को उत्तर-पूर्वी राज्यों में रसूखदार लोगों की मदद से बेचा जा रहा है।
इसके बाद मध्य जिले की टीम छापे के लिए अरुणाचल प्रदेश पहुंची। यहां टीम ने एक बड़े नेता के करीबी को उठा लिया। आरोपी से चोरी की एक कार भी बरामद हो गई। सूत्रों का दावा है कि उसे छोड़ने के बदले में टीम ने एक होटल में उससे मोटी रकम वसूली। आरोपी मकोका में भी वांछित था। जैसे ही उगाही की बात आरोपी के करीबी नेता को लगी तो उसने डीजीपी से दिल्ली पुलिस आयुक्त को शिकायत करवा दी।
सबूत के तौर पर होटल का एक वीडियो भी पुलिस आयुक्त को भेजा गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए फौरन इंस्पेक्टर गिरीश जैन, एसआई अखिल चौधरी और एएसआई राकेश को निलंबित कर दिया गया। फिलहाल पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि आरोप सही पाए गए तो कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।
5 करोड़ की कारें हुईं थीं बरामद
बुधवार को पुलिस ने मेरठ-यूपी, दिल्ली और अरुणाचल प्रदेश में छापा मारकर पांच करोड़ की 15 लग्जरी कारें बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें दो वाहन चोर और एक चोरी की गाड़ियों का रिसीवर शामिल था। गिरोह दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे राज्यों से कारें चुराता था। बाद में इन गाड़ियों के इंजन व चेसिस नंबर बदलकर उत्तर-पूर्वी राज्यों में अच्छे दामों में बेच दिया जाता था। इसी तरह की एक गाड़ी मकोका में वांछित आरोपी के पास से बरामद हुई थी, जिसको पैसे लेकर छोड़ने की बात की जा रही है।
