काठमांडू, 24 जुलाई । नेपाल की संसद की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस की बैठक में धर्मनिरपेक्षता खत्म करने की मांग उठाई गई है। 18 जुलाई से चल रही केंद्रीय समिति की बैठक में कुछ सदस्यों ने नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाए रखने की मांग भी रखी है।
नेपाली कांग्रेस के केंद्रीय सदस्य शंकर भंडारी ने बैठक में नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाए रखने और धर्मनिरपेक्षता को खत्म करने की मांग की है। भंडारी ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि नेपाल की पहचान एक हिंदू राष्ट्र है और संविधान से धर्मनिरपेक्षता को हटाने में कांग्रेस को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने संघवाद का विकल्प ढूंढने की जरूरत पर जोर दिया।
केंद्रीय सदस्य चंद्र बहादुर केसी ने भी हिंदू राष्ट्र कायम रखने की मांग की। एक अन्य केंद्रीय सदस्य भीम पराजुली ने कहा कि जिस देश में 94 फीसदी ओंकार परिवार हों, वहां धर्मनिरपेक्षता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका तर्क था कि कांग्रेस को धार्मिक स्वतंत्रता के साथ वैदिक सनातन धर्म के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।
नेपाल में जब 2015 में संविधान लागू किया गया, तो हिंदू राष्ट्र की जगह धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना दिया गया। उस समय सरकार का नेतृत्व नेपाली कांग्रेस के पास था। कांग्रेस, यूएमएल, माओवादी जैसी मुख्य पार्टियां धर्मनिरपेक्षता के पक्ष में खड़ी थीं। हाल ही में उन पार्टियों के अंदर इसका विरोध बढ़ता जा रहा है। नेपाल में 2021 की जनगणना की रिपोर्ट के मुताबिक 81 फीसदी हिंदू हैं। हाल ही में हिंदू राष्ट्र के पक्ष में आवाज तेज हो रही है।
