संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही मणिपुर मुद्दे पर आज भी बाधित रही। लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा भी विपक्ष के विरोध के कारण एक बार स्थगित की गई। लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस, डी एम के, जनता दल यूनाइटेड और अन्य सदस्य मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच आ गए। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली और उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर शोर-शराबे के बीच ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक 2023 पेश किया गया। हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2023, अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2023 और संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश संशोधन विधेयक 2023 पारित कर दिया गया। हंगामा जारी रहने पर पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
उधर, राज्यसभा में सदन की कार्यवाही की शुरुआत में सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए स्थगन नोटिस का उल्लेख किया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, राष्ट्रीय जनता दल, वामपंथी और अन्य सदस्यों ने सभी कामकाज निलंबित कर नियम 267 के तहत मणिपुर मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। सभापति ने कहा कि वह पहले ही नियम 176 के तहत अल्पकालिक चर्चा के लिए सहमति और समय आवंटित कर चुके हैं। उन्होंने सदन में व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया, लेकिन विरोध कर रहे सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी।
हंगामा बढ़ने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल शुरू हुआ। कांग्रेस, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी और अन्य सदस्यों ने विरोध जारी रखा और बाद में सदन से वॉकआउट कर दिया। भोजनावकाश के बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी और डीएमके सहित विपक्षी दलों ने मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति देने की मांग करते हुए नारेबाजी की और बाद में दिन भर के लिए सदन से वॉकआउट कर दिया।
