दिल्ली:- प्रगति मैदान में शनिवार से किताबों की दुनिया सजने जा रही है। संस्कृति मंत्रालय पहली बार पुस्तकालयों की बंद अलमारी से किताबों की विरासत को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए दो दिवसीय ‘पुस्तकालय महोत्सव 2023’ का आयोजन करने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुस्तकालयों के विकास और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए इस अनूठे महोत्सव का उद्घाटन करेंगी जबकि समापन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मौजूद रहेंगे।
संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने बताया कि विश्वविद्यालयों की तर्ज पर संस्कृति मंत्रालय पुस्तकालयों की रैंकिंग शुरू करने जा रहा है। इसमें 42 मापदंड तैयार किये गए हैं। महोत्सव के दौरान इसकी घोषणा की जाएगी। इसमें पंचायतों के ग्रामीण पुस्तकालय, मोबाइल पुस्तकालय, जिला पुस्तकालय से लेकर राष्ट्रीय पुस्तकालय भाग ले सकेंगे। इस रैंकिंग के आधार पर पाठकों को पता चलेगा कि कौन सा पुस्तकालय किस स्तर का है। इस रैंकिंग से इंफ्रास्ट्रक्चर, पाठकों, किताबों की संख्या समेत अन्य सुविधाओं की जानकारी आम लोगों को मिलेगी।
रैंकिंग में जगह बनाने के लिए पुस्तकालय सुविधाओं में इजाफा करेंगे और आम लोगों को सीधे इसका लाभ मिलेगा।पुस्तकालय भावनात्मक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक हैं इसलिए लोगों में पढ़ने की आदतों को पुनर्जीवित करना महत्वपूर्ण है। पुस्तकालयों और संग्रहालयों में गहरा संबंध है।
अमर उजाला
