दिल्ली:- दिल्ली सेवा बिल पास होने के एक दिन बाद मंगलवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक मंच पर दिखे। इस मौके पर दोनों के मुस्कुराते हुए हावभाव तो सामान्य थे, लेकिन बातों-बातों में एक-दूसरे पर सियासी बढ़त हासिल करने की कोशिश दोनों ने की। उपराज्यपाल ने दिल्ली के विकास कार्यों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को दिया। जबकि परोक्ष तौर पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एमसीडी में आप की सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार कम हुआ है, तभी साल की पहली तिमाही का एमसीडी का राजस्व बढ़ा है।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी के आईटीओ स्थित शहीदी पार्क में आजादी का अमृत महोत्सव पार्क के उद्घाटन समारोह का मंच साझा किया। इस दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार की ओर से लगातार दिल्ली के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। वे दिल्ली का विकास करने के लिए अनेक योजनाओं को स्वीकृति दे चुके हैं और उनमें से कई योजनाओं के तहत कार्य भी चल रहा है। रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास व अन्य योजनाएं दिल्ली के विकास के लिए अभूतपूर्व अवसर प्रदान करेंगे। इसी तरह डीडीए द्वारका में 560 करोड़ रुपये की लागत से भारत वंदना पार्क को विकसित कर रहा है। यह पार्क भी केंद्र सरकार के कारण विकसित हो सका। केंद्र सरकार ने इस पार्क को विकसित करने के लिए 15 करोड़ रुपये फंड उपलब्ध कराया है।
इधर, मुख्यमंत्री ने कहा कि एमसीडी बहुत अच्छा काम कर रही है। अब उससे बहुत सारी और भी उम्मीदें हैं। खास तौर पर उसे सफाई करनी है और भ्रष्टाचार को खत्म करना है। एमसीडी में हमेशा फंड की कमी रहती है। इसका मुख्य कारण उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार है, लेकिन अब उसे खत्म करने के प्रयास शुरू हो गए है। एमसीडी में भ्रष्टाचार खत्म होने पर कुछ वर्षों के अंदर वह मुनाफे में चला जाएगा और फंड की कमी नहीं होगी। इस वित्तीय वर्ष के पहली तिमाही में एमसीडी का राजस्व पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ा है। अगर यही रफ्तार रही तो आने वाले समय में निगम का काफी ज्यादा राजस्व बढ़ सकता है। एमसीडी की फंड देने के मामले में हरसंभव मदद की जाएगी। जितना साफ-सुथरा और सुंदर शहीदी पार्क बनाया है, उतनी ही साफ सुथरी और सुंदर पूरी दिल्ली बनानी है। इसमें एमसीडी के साथ ही जनता की भी भूमिका महत्वपूर्ण है। जनता को भी दिल्ली की सफाई में सहभागी बनना है।
शहीदी पार्क के नाम से मशहूर होगी दिल्ली
केजरीवाल ने कहा कि यह शहीदी पार्क में देश की संस्कृति और इतिहास को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया गया है, जो बहुत ही अद्भुत है। जब हम चंडीगढ़ जाते हैं तो लोग रॉक गार्डन देखने जाने की सलाह देते हैं। आने वाले दिनों में दिल्ली भी शहीदी पार्क के नाम से मशहूर हो जाएगी। दिल्ली कोई आएगा तो वह लालकिला, कुतुबमीनार के साथ ही शहीदी पार्क भी देखकर जाएगा। हमें दिल्ली के सभी स्कूलों के बच्चों के लिए शहीदी पार्क को देखना आवश्यक कर देना चाहिए। हर स्कूल के बच्चों को शहीदी पार्क में निःशुल्क देखने के लिए लाया जाना चाहिए। इस मौके पर महापौर शैली ओबरॉय, उपमहापौर आले मोहम्मद इकबाल, सदन के नेता मुकेश गोयल, इलाके के विधायक प्रवीन कुमार, पार्षद सारिका सिंह, आयुक्त ज्ञानेश भारती आदि मौजूद रहे।
गौरवमयी इतिहास को समेटे है पार्क
शहीदी पार्क आईटीओ के पास करीब 4.5 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया है। पार्क भारत के गौरवमयी इतिहास को अंदर समेटे हुए है। पूरे पार्क में लगी कलाकृतियों में लोहे के खराब सामान, बिजली के खंभे पुरानी कारें, ट्रक, पार्कों की ग्रिल, ऑटो मोबाइल पार्ट और पाइप समेत अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया है। यहां कलाकृतियों को 10 कलाकारों और करीब 700 कारीगरों ने मिलकर करीब छह माह में तैयार किया है। इस पार्क के निर्माण कार्य में 250 टन से अधिक स्क्रैप का इस्तेमाल किया गया है।
पार्क की सुंदरता बढ़ाने के लिए चंपा, फाइकस बैनजामिना, फरकेरिया, ऐरिका पॉम, सिंगगोनियम समेत अन्य प्रजाति के 56 हजार पौधे लगाए गए हैं। पार्क में आगंतुकों के लिए विभिन्न सेवाओं का प्रबंध किया गया है। इसमें स्मारिका की दुकानें व फूड कियोस्क आदि शामिल हैं। पार्क को नौ भागों और तीन चित्रशालाओं में बांटा गया है। पार्क में शकुंतला पुत्र भरत और भारत माता की विशाल मूर्ति से लोग रूबरू हो सकेंगे। बीसी 315 से एडी 1044 तक के भारत के स्वर्णिम युग की झलक भी देखने को मिलेगी। राजा पोरस, चाणक्य-चंद्रगुप्त, सम्राट अशोक, समुन्द्रगुप्त, राजा हर्षवर्धन, मिहिर भोज, और राजेंद्र चोला की मूर्तियां देखने को मिलेंगी। पार्क में वीर सपूतों की विदेशी आक्रमण के खिलाफ लड़ाई की कई कलाकृतियां देखने को मिलेंगी। राणा सांगा, छत्रसाल, पृथ्वीराज चौहान, महाराणा प्रताप और महाराजा सूरजमल आदि की प्रतिमाएं लोगों को विदेशी आक्रांताओं से हुए युद्ध से रूबरू कराएंगी।
