चित्तौड़गढ़, 22 अगस्त। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मंगलवार को चित्तौड़गढ़ पहुंचे। यहां सैनिक स्कूल पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। धनखड़ अपने शिक्षक के शास्त्रीनगर स्थित आवास पर पहुंचे और आशीर्वाद लिया। काफी देर वे यहां रुके और और आत्मीयता के साथ सभी से बात की। बाद में वे सैनिक स्कूल के लिए रवाना हो गए, जहां विद्यार्थियों को संबोधित किया।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मंगलवार सुबह हेलीकॉप्टर से सुबह करीब दस बजे सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के हैलीपेड पर उतरे। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। इसके बाद वे कार से चित्तौड़गढ़ शास्त्रीनगर, चित्तौड़गढ़ में अपने सैनिक स्कूल शिक्षक हरपाल सिंह राठी के आवास पर पहुंचे। इस दौरान पूरे शास्त्रीनगर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त थे। राठी उन्हें सैनिक स्कूल में केमिस्ट्री पढ़ाते थे। अपने शिक्षक से लंबे समय बाद मिलने पर उपराष्ट्रपति ने उनके चरण छू कर आशीर्वाद लिया। यहां वे करीब 25 मिनट तक रुके रहे।
अपने शिक्षक राठी और उनके परिवार जन से उपराष्ट्रपति ने काफी आत्मीयता से बात की। इस दौरान शिक्षक राठी के पड़ोसी भी छतों पर आ गए और वीडियो भी बनाए। यहां मुलाकात के बाद वे सैनिक स्कूल के लिए रवाना हो गए। मार्ग में मीरानगर स्कूल के बाहर स्कूली विद्यार्थी भारत माता के जयकारे लगा रहे थे। इन्हें देख कर उपराष्ट्रपति ने भी हाथ खड़ा कर अभिवादन किया।
उपराष्ट्रपति के स्कूल के दिनों के बारे में बात करते हुए उनके शिक्षक राठी ने बताया कि वो स्कूल के हॉकी और फुटबॉल के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक थे। उन्होंने कहा कि मुझे स्पष्ट याद है, जगदीप की परफॉर्मेंस की बदौलत ही सांगा हाउस ने 1967 में ओवरऑल चैंपियनशिप जीती थी। उपराष्ट्रपति बनने के बाद जगदीप धनखड़ पहली बार सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ पहुंचे हैं। उन्होंने सन 1962 से 1967 तक अपनी शिक्षा यहीं से प्राप्त की थी।
दोपहर करीब साढे बारह बजे धनखड़ हेलीकॉप्टर से उदयपुर के लिए रवाना हो गए। उपराष्ट्रपति उदयपुर में चल रही दो दिवसीय 9वें सीपीए भारत क्षेत्र सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करेंगे।
