इंदौर में ई-गवर्नेंस संबंधी 26 वां राष्ट्रीय सम्मेलन का आज दूसरा और अंतिम दिन है। “विकसित भारत, नागरिकों को सशक्त बनाना” – विषय पर केंद्रित सम्मेलन का उद्घाटन विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कल किया था। 26वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के पहले दिन ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में हो रहे नवाचार प्रौद्योगिकियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। ई-गवर्नेंस के नए दृष्टिकोणों पर आधारित कार्यक्रमों और चर्चाओं की शुरुआत हुई। कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक गुड गवर्नेंस इंडेक्स और छतरपुर जिले के डैशबोर्ड की शुरुआत की गई, जो कि शासन की प्रभावकारिता में नए मानकों को स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। साथ ही कॉफी- टेबल बुक का विमोचन भी किया गया जिसका शीर्षक है “मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग“। इस सम्मेलन में यथाश्रेष्ठ वक्तव्यकारों को भारत के तकनीकी परिवर्तन के लिए डिजिटल परिवर्तन, नागरिक केंद्रित सेवा प्रदान करने के लिए उभरती तकनीकें, जिला स्तर में ई-गवर्नेंस की पहल, जन शिकायत के लिए अनुसंधान और विकास की भूमिका, स्टार्टअप्स द्वारा शासन में उभरती तकनीकें जैसे विषयों पर चर्चा की गई। यह सम्मेलन देश भर में ई-गवर्नेंस की पहलों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रहा है, नागरिक सेवा प्रदायगी में प्रक्रिया बदलाव और समापन सेवा प्रदान में उभरती तकनीकों के माध्यम से सफल इंटरवेंशन भी दिखा रहा है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन 28 राज्यों और 9 संघ राज्यों समेत शिक्षा, अनुसंधान संस्थान, आईटी उद्योग और स्टार्टअप्स के प्रतिष्ठित व्यक्ति फिजिकल और वर्चुअल मोड में सम्मलित हुए।
