एमसीडी में सत्तारूढ़ दल ने बार फिर पाषर्दों का भत्ता बढ़ाने की कवायद आरंभ की। एमसीडी में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने बृहस्पतिवार को पार्षदों को प्रति बैठक मिलने वाला भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का प्रस्ताव पास किया, वहीं उसने प्रतिमाह भत्ते की अधिकतम राशि तीन हजार रुपये के बजाए एक लाख रुपये करने का आग्रह किया है। भाजपा ने प्रस्ताव का विरोध किया है।
वर्ष 2009 के दौरान भाजपा ने पहली बार पार्षदों का भत्ता बढ़ाने के साथ-साथ उनको सांसदों व विधायकों की तरह अन्य भत्ते देने का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद भी भाजपा ने इस तरह के प्रस्ताव एकीकृत एमसीडी के साथ-साथ तीन नगर निगम बनने के बाद उनमें कई बार पास किए, लेकिन केंद्र सरकार ने कभी भी उनके प्रस्ताव पर गौर नहीं किया।
इस तरह आम आदमी पार्टी की ओर से पास किए गए प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की मुहर लगना मुश्किल दिखाई दे रहा है। उधर महापौर शैली ओबराॅय ने सदन में पास किए गए प्रस्ताव को उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकृत कराने के लिए पूरा प्रयास करेगी। वहीं भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा व एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह ने आम आदमी पार्टी की ओर से एमसीडी के सदन में यह प्रस्ताव लाने और मंजूरी देने की कड़े शब्दों में निंदा की गई।
भाजपा पार्षदों ने सदन की बैठक का किया बहिष्कार
नई दिल्ली। एमसीडी सदन की बैठक का भाजपा पार्षदों ने बहिष्कार किया। बैठक में भाजपा का एक भी पार्षद शामिल नहीं हुआ, जबकि एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष समेत कई पार्षद सिविक सेंटर में मौजूद थे। दरअसल भाजपा ने कई दिन पहले 31 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन सदन की बैठक बुलाने का विरोध किया था और बैठक में शामिल नहीं होने का ऐलान किया था। सदन की बैठक में कांग्रेस पार्षद दल की नेता नाजिया दानिश ने भी रक्षाबंधन के दिन बैठक बुलाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि बहुत से परिवार बुधवार की बजाय बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन मना रहे हैं, उनमें वह भी शामिल हैं।
