नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत 14 सितंबर को 2020 उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े मामले में सुनवाई करेगी। मामला दंगों की व्यापक साजिश के आरोप से जुड़ा है। स्पेशल जज अमिताभ रावत ने कहा कि 14 सितंबर को 18 आरोपियों के खिलाफ ‘आरोप तय करने’ के मामले में सुनवाई चलेगी। उसके बाद बचाव पक्ष के वकीलों को आपत्ति रखने का मौका दिया जाएगा। उमर खालिद, ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, शरजील इमाम समेत 18 आरोपियों के वकीलों ने कहा कि अभियोजन पक्ष अदालत को यह भरोसा दे कि उनकी जांच पूरी हो चुकी है और अब कोई सप्लीमेंट्री चार्जशीट नहीं दायरा की जाएगी। दिल्ली की अदालत अब इस मामले में रोजाना सुनवाई शुरू करने वाली है। विस्तार से पढ़िए कि मामले में कौन-कौन आरोपी हैं और अब तक क्या-क्या हुआ है।
दिल्ली दंगा मामला: किन-किन धाराओं में मुकदमा
UAPA
धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियां), 16 (आतंकवादी कृत्य), 17 (आतंकवादी गतिविधि के लिए धन जुटाना), 18 (आतंक फैलाने की साजिश)
IPC
धारा 120बी (आपराधिक साजिश) धारा 109 (उकसाना), 114 (गतिविधि के समय साजिशकर्ता की मौजूदगी), 124ए (देशद्रोह), 147 (दंगा करना), 148 (दंगा करना घातक हथियार के साथ), 149 (आम लोगों के साथ गैरकानूनी जमावड़े में सदस्य), 153ए (शत्रुता को बढ़ावा देना), 186 (लोक सेवक के काम में बाधा डालना), 201 (सबूतों को गायब करना) 212 (अपराधी को आश्रय देना), 295 (पूजा के स्थान को अपवित्र करना), 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 341 (गलत संयम), 353 (सरकारी नौकर पर हमला) 395 (डकैती), 419 (दूसरे का रूप लेकर धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 427 (नुकसान पहुंचाने वाली शरारत), 435 (आग से शरारत), 436 (आग से घर को नष्ट करना), 452 (घर में अतिक्रमण), 454 (घर में झांकना, 468 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेजों को असली की तरह उपयोग करना), 34 (सामान्य इरादा)
आर्म्स एक्ट
धारा 25 (कुछ अपराध) और 27 (हथियारों के द्वारा)
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान अधिनियम, 1984
धारा 3 (संपत्ति को नुकसान) और धारा 4 (विस्फोटक के जरिए संपत्ति को नुकसान)
