उत्तरप्रदेश : लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) गठबंधन में घोसी विधानसभा उपचुनाव के बाद मतभेद उभरने लगे हैं। इस उपचुनाव के परिणाम के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि घोसी में कांग्रेस ने सपा उम्मीदवार को जीताया, लेकिन उत्तराखंड के बागेश्वर में सपा ने उम्मीदवार उतार कर कांग्रेस उम्मीदवार को हराने का काम किया है। एक तरह से सपा ने वहां भाजपा की मदद की।
अजय राय ने बुधवार को मऊ की जनसभा में कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की कथनी और करनी में अंतर है। उनका दोहरा चरित्र है। इतना ही नहीं, उन्होंने ललकारते हुए कहा कि घोसी जीतने वाले इस भ्रम में न रहें कि उन्होंने अपने दम पर यह सीट जीती है। बल्कि सपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित कराने में कांग्रेस की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दिल बड़ा दिखाया।
पार्टी के तमाम नेता दिन रात एक करके सपा उम्मीदवार को जिताने में जुटे रहे, लेकिन हमेशा दिल बड़ा करने की नसीहत देने वाले सपा अध्यक्ष ने बागेश्वर में मदद नहीं की। अगर सपा साथ देती तो वहां कांग्रेस प्रत्याशी का जीतना तय था। बागेश्वर में सपा का कोई अस्तित्व नहीं है। बावजूद इसके उन्होंने प्रत्याशी उतारा और किसी न किसी रूप में भाजपा की मदद की। बागेश्वर में कांग्रेस के बसंत कुमार को भाजपा प्रत्याशी पार्वती ने 2402 वोट से हराया है, जबकि सपा को 637 वोट मिले। यदि सपा समर्थन देती को एकजुटता का संदेश जाता और कांग्रेस उम्मीदवार का जीतना तय था।
कांग्रेस ने नहीं मांगा समर्थन
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि अब उलाहना देने का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस के किसी नेता ने अखिलेश यादव बात नहीं की। घोसी में सपा ने कांग्रेस से समर्थन मांगा था।
