उत्तरप्रदेश : सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज बागपत आएंगे। वह सबसे पहले चमरावल रोड पर भाजपा जिला कार्यालय में पदाधिकारियों की लोकसभा चुनाव को देखते हुए बैठक लेकर मूलमंत्र देंगे। इसलिए ही जहां तक डिप्टी सीएम जाएंगे, वहां तक की सड़क को गड्ढामुक्त कर दिया गया है। आगे हर कदम पर गड्ढे छोड़ दिए गए, जिससे आगे कई गांवों के लोग परेशान हो रहे हैं।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य यहां हेलीकॉप्टर से दोपहर सवा दो बजे पुलिस लाइन में पहुंचेंगे। वहां से वह भाजपा जिला कार्यालय जाएंगे और वहां एक घंटे तक बैठक करेंगे। उनकी बैठक में भाजपा के जिला से लेकर मंडल स्तर तक के सभी पदाधिकारी शामिल होंगे। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर यह बैठक होगी, जिसमें वह जीत का मूलमंत्र देंगे और भाजपा से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोडऩे पर जोर रहेगा।
इसके बाद वह साढ़े तीन बजे कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे। वहां प्रेस वार्ता भी करेंगे और उसके बाद विकास परियोजना का निरीक्षण करके साढ़े पांच बजे हेलीकॉप्टर से वापस जाएंगे। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम की तैयारी में शुक्रवार को दिनभर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी लगे रहे। उनकी सुरक्षा को लेकर भाजपा कार्यालय पर पुलिस ने जांच करने के साथ ही व्यवस्था देखी। उनके आने पर कलक्ट्रेट में आम लोगों का आवागमन बंद रखा जाएगा।
पुलिस लाइन में आवास के निर्माण को देखेंगे
पुलिस लाइन में श्रेणी एक के दो और श्रेणी बी के चार आवासों का निर्माण चल रहा है। इनपर करीब तीन करोड़ 85 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनका निर्माण लोनिवि कर रहा है और इस परियोजना का शनिवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य निरीक्षण करेंगे। इसको देखते हुए ही डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने उन आवासों का शुक्रवार को निरीक्षण किया।
भाकियू अ ने ज्ञापन सौंपने की बात कही तो पुलिस तलाश में जुटी
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बागपत में आने का पता चलने पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर उनको ज्ञापन देने की बात कही। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट में बुलाया गया।
जिलाध्यक्ष आशीष वशिष्ठ ने बताया कि गन्ना भुगतान कराने, बागपत शुगर मिल की क्षमता बढ़वाने, ट्यूबवेलों के बिजली बिल माफ कराने, निराश्रित गोवंश की समस्या का समाधान कराने समेत अन्य समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसका पता चलने पर पुलिस ने भाकियू के पदाधिकारियों को तलाशना शुरू कर दिया। जिससे उनको ज्ञापन देने से रोका जा सके।
