ठाणे: मराठा समाज के आंदोलन के उग्र रूप को देखते ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे आवास पर पुलिस बंदोबस्त बढ़ाकर सुरक्षा को और पुख्ता करना पुलिस महकमे पर ही भारी पड़ गया है। इसको लेकर शिंदे के सांसद पुत्र डॉक्टर श्रीकांत शिंदे ने ठाणे पुलिस को निशाने पर लिया है। उन्होंने वीआईपी सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर नाराजगी जताई है और पुलिस कमिश्नर जयजीत सिंह को पत्र लिखकर बताया है कि उन्हें या उनके परिवार को वीआईपी सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। श्रीकांत शिंदे ने मुख्यमंत्री आवास के करीब के रास्ते को बंद करने का आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में अब अधिकारी असमंजस में पड़ गए हैं। महाराष्ट्र में मंत्री, विधायक और सांसदों के घरों पर जारी पथराव, आगजनी की घटना के मद्देनजर ठाणे पुलिस ने मुख्यमंत्री के लुईसवाड़ी परिसर स्थित घर पर सुरक्षा बढ़ाई और घर के करीब के सर्विस रोड को पूरी तरह से सात दिनों के लिए बंद कर दिया था, जिससे आसपास रहने वालों को परेशान होना पड़ रहा था और हाइवे पर ट्रैफिक जाम लगने लगा। विरोधी दलों के लोगों ने वीआईपी सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।
ठाणे पुलिस ने मराठा आंदोलन के चलते ट्रैफिक में बदलाव किया था, लेकिन अधिसूचना में इस बात का कोई जिक्र नहीं किया गया था। ट्रैफिक विभाग की तरफ से बताया गया कि मुख्यमंत्री आवास पर उनके पुत्र सांसद श्रीकांत शिंदे और उनका परिवार आता-जाता रहता है, जिससे वहां कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसलिए बदलाव लागू किया गया है। यह बात सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।
पुलिस के फोटो शेयर पर संजय राउत की आपत्ति
यूबीटी सांसद संजय राउत ने एक्स (ट्विटर) पर ठाणे पुलिस के नोटिफिकेशन की फोटो शेयर करते हुए आपत्ति जताई। जैसे ही यह सब वायरल हुआ श्रीकांत शिंदे स्थिति को समझ गए और रास्ता बंद करने को लेकर वह पुलिस महकमे पर भड़क गए।
