मुंबई: शिंदे सरकार के लिए मराठा आरक्षण की राह मुश्किल हो सकती है। सरकार के ही मंत्री छगन भुजबल ने कड़े तेवर दिखाते हुए साफ कहा है कि ओबीसी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मराठा समुदाय को ओबीसी कोटे से अलग आरक्षण दिया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो ओबीसी समाज इसका विरोध करेगा। सरकार में रहते हुए हम संघर्ष करेंगे। ओबीसी समाज चुप नहीं बैठेगा। भुजबल के बयान के बाद कैबिनेट मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि भुजबल को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। उनके बयान से लोगों में भ्रम पैदा होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही साफ कर चुके हैं कि किसी का आरक्षण छीनकर किसी दूसरे वर्ग को नहीं दिया जाएगा।
दिवाली बाद राज्यव्यापी आंदोलन
दिवाली के बाद ओबीसी समाज ने राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। मंगलवार को मंत्री छगन भुजबल के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओबीसी नेता प्रकाश शेंडगे ने कहा कि मराठा समाज को कुनबी सर्टिफिकेट देने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस निर्णय से ओबीसी समाज के आरक्षण में कटौती होगी, इसलिए सरकार के इस निर्णय के विरोध में दिवाली त्योहार के बाद ओबीसी समाज राज्यव्यापी आंदोलन करेगा।
प्रमाणपत्र देने के निर्णय का विरोध
मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए शिंदे सरकार ने कुनबी समाज को ओबीसी का प्रमाणपत्र देने का निर्णय लिया है, जिसका ओबीसी समुदाय के नेता विरोध कर रहे हैं। ओबीसी नेताओं की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। शिंदे सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने बीड जिले में उस जगह का दौरा किया, जहां मराठा आंदोलन के दौरान कुछ घटनाएं हुई थीं। नेताओं के घरों और दफ्तरों में आग लगाने वाले आंदोलनकारियों की भुजबल ने कड़ी आलोचना की और ओबीसी के अधिकारों के लिए लड़ने का ऐलान किया।
