आज गुरु नानक जयंती के अवसर पर राजधानी के गुरुद्वारे रोशन हैं। इसी क्रम में राजधानी स्थित गुरुद्वारा रकाबगंज को सजाया गया है। आज सवेरे से ही गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की हलचल है।
गुरु पर्व की पूर्व संध्या पर कल पंच प्यारे की अगुवाई में गुरु शीशगंज से नानक प्याऊ गुरुद्वारे तक नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन के आगे श्रद्धालु नगाड़ा बजाते हुए चल रहे थे। बीच में पालकी साहिब चल थी, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।
नगर कीर्तन खारी बाबली, कुतुब रोड (सदर बाजार), आजाद मार्केट, रोशन आरा रोड होता हुआ नानक प्याऊ गुरुद्वारे पर समाप्त हुआ। यहां पर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया। वहीं, नगर कीर्तन के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरित किया। दूसरी ओर गुरु पर्व की पूर्व संध्या पर राजधानी के समस्त गुरुद्वारों पर रोशनी की गई है।
भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक गुरु का अहम स्थान : संत राजिंदर सिंह
सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिंदर सिंह ने गुरु पर्व के संबंध में श्रद्धालुओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक गुरु को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यहां तक कि सभी धर्मों में पूर्ण गुरु को परमात्मा के समान माना गया है।
गुरु नानक देव जैसे पूर्ण गुरु सृष्टि की शुरुआत से ही इस धरती पर हमारी आत्मा को पिता-परमेश्वर से मिलाने के लिए आते रहे है। संत कृपाल सिंह महाराज अक्सर करते थे कि जो व्यक्ति पिता-परमेश्वर के नाम के साथ जुड़ गया वही सुखी है।
